मझगवां में बीजेपी विधाययक सुरेंद्र सिंह गहरवार ट्रैक्टर जब्त करने को लेकर धरने पर बैठ गए थे। सीएम मोहन यादव के कॉल के बाद उन्होंने धरना समाप्त किया है। वह आदिवासी किसान का ट्रैक्टर तुरंत छुड़ाने पर अड़ गए थे।
हाइलाइट्स
सतना में वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में बीजेपी विधायक ने खोला मोर्चा
सुरेंद्र सिंह गहरवार करीब 10 घंटे तक धरने पर बैठे रहे
सीएम मोहन यादव का कॉल आया तो विधायक माने
रात 12 बजे कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे
मध्यप्रदेश में सतना जिले के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मझगवां स्थित वन विभाग के रेंज कार्यालय में सोमवार को उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब स्थानीय भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार एक आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त किए जाने के विरोध में धरने पर बैठ गए।
10 घंटे तक धरने पर बैठे रहे
दरअसल, दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ यह धरना करीब 10 घंटे तक चला। उनके समर्थन में सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण भी कार्यालय परिसर में डटे रहे। मामला तूल पकड़ते ही मुख्यमंत्री निवास तक गूंज उठा। देर रात मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप और कलेक्टर-एसपी की मौजूदगी में निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद रात 12 बजे धरना समाप्त हुआ। सीएम मोहन ने चित्रकूट विधायक को भोपाल तलब किया है। हालांकि, वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने तक ट्रैक्टर फिलहाल नहीं छोड़ा गया है।
या तो ट्रैक्टर छोड़ो, नहीं तो रात यहीं कटेगी
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार मझगवां रेंज दफ्तर पहुंचे और आदिवासी किसान का ट्रैक्टर तुरंत छोड़ने की मांग पर अड़ गए। वन अधिकारियों से तीखी बहस करते हुए विधायक ने कहा या तो ट्रैक्टर छोड़ो, वरना आज की रात यहीं कटेगी। सिर्फ गरीबों को परेशान करने के लिए कार्रवाई की गई है।
नियम के विरुद्ध चल रहा था ट्रैक्टर
जब वन विभाग के एसडीओ ने दलील दी कि ट्रैक्टर रात के अंधेरे में नियम विरुद्ध तरीके से चल रहा था, तो विधायक ने पलटवार करते हुए कहा कि किसान अपनी जरूरत के अनुसार दिन और रात कभी भी जुताई करता है, ऐसा कोई नियम नहीं है जो रात में ट्रैक्टर चलाने पर रोक लगाता हो।
वन भूमि पर अवैध जुताई में हुई जब्ती
चित्रकूट एसडीओ अभिषेक तिवारी और मझगवां रेंजर रंजन सिंह परिहार के अनुसार, कररिया बीट के चुनहाहार क्षेत्र अंतर्गत कक्ष क्रमांक पी-830 में वन भूमि पर अवैध जुताई की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां जुताई कर रहे व्यक्ति द्वारा भूमि से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध दर्ज करते हुए जुताई में प्रयुक्त बिना नंबर के ट्रैक्टर को जब्त किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही जब्ती की गई है।
सीएम का आया फोन, रात 12 बजे पहुंचे कलेक्टर-एसपी
धरने की स्थिति गंभीर होते देख भोपाल स्तर पर हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार से फोन पर सीधी बातचीत की और विधायक को भोपाल तलब किया है।सीएम के निर्देश पर रात करीब 12 बजे सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह मझगवां रेंज कार्यालय पहुंचे। कलेक्टर ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराने और विधि सम्मत निराकरण का भरोसा दिया, जिसके बाद विधायक ने धरना खत्म करने की घोषणा की।
भोपाल बुलाया
धरना समाप्ति के बाद विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री जी ने जनता के हित में फोन कर आश्वासन दिया और विस्तृत चर्चा के लिए उन्हें भोपाल आमंत्रित किया है। विधायक ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर व एसपी के समक्ष वन एवं राजस्व भूमि के सीमांकन से जुड़े विवादों को रखा, जिस पर कलेक्टर ने जल्द एक संयुक्त टीम गठित कर भू-स्वामित्व के प्रकरणों के स्थायी समाधान पर सहमति जताई है।

