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‘दो कचौड़ी एक चाय, हमारा भी स्टाइपेंड बढ़ाए’, उज्जैन में आयुर्वेद के छात्रों ने खोला मोर्चा, सद्धबुद्धि के लिए किया हवन

उज्जैन के धन्वंतरि अस्पताल में बीएमएस के छात्रों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है। छात्र लगातार स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही उनका कहना है कि हमें सरकार लिखित आश्वासन दें, इसके बाद ही प्रदर्शन से हटेंगे।

हाइलाइट्स

उज्जैन के धन्वंतरि अस्पताल के छात्रों का प्रदर्शन
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर 250 छात्र-छात्राएं कर रहे प्रदर्शन
लगातार स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे छात्र
छात्रों ने कहा कि लिखित आश्वासन के बाद ही हम प्रदर्शन से हटेंगे

उज्जैन: राज्य सरकार ने हाल ही में एमबीबीएस के इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाया है। अब बीएमएस के छात्रों ने इसे लेकर मोर्चा खोल दिया है। साथ ही स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की है। उज्जैन स्थित धन्वंतरि अस्पताल में करीब 250 छात्र-छात्राएं ने इसे लेकर प्रदर्शन किया है। साथ ही दो लोगों ने 24 घंटे का सांकेतिक भूख हड़ताल किया है।

दो कचौड़ी एक चाय, हमारा भी स्टाइपेंड बढ़ाएं

दरअसल, उज्जैन के धन्वंतरि कॉलेज के छात्र-छात्राएं बीते दो दिन सिंह से वहां प्रदर्शन कर लिया है। प्रदर्शन के दौरान जेन-जी के बीच प्रचलित नारों को लगा रहे हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने एक सुर में वहां कहा है कि दो कचौड़ी एक चाय, हमारा भी स्टाइपेंड बढ़ाएं।

छात्रों ने सद्बुद्धि के लिए किया हवन

मंगलवार को आंदोलन का दूसरा दिन है। छात्रों ने यज्ञ में आहुति देकर सद्बुद्धि की प्रार्थनाकी है। यह प्रार्थना शासन-प्रशासन से की गई है। इसके साथ ही दो छात्राएं सांकेतिक 24 घंटे की भूख हड़ताल पर भी बैठी है। छात्रों की मांग की है कि सभी का स्टाइपेंड बराबर हो।

अधिकारियों को सौंपा है ज्ञापन

वहीं, विद्यार्थियों ने बताया कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर 15 सितंबर को संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने 23 सितंबर को आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल से जल्द स्टाइपेंड बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसका लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें घोषणा नहीं, समान स्टाइपेंड लागू करने का लिखित आदेश चाहिए।

मानदेय में भेदभाव करने की बात नहीं कही है

विद्यार्थियों का कहना है कि आयुष को संचालित करने वाली एनसीआइएसएम के नियम 15बी और 15डी में सभी राज्यों में सभी पैथीज का स्टाइपेंड समान रखने और मानदेय में भेदभाव नहीं करने की बात है। उनका कहना है कि मप्र में बीएएमएस इंटर्न को 9,383 रुपए प्रतिमाह मिलते हैं, जबकि एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड हाल ही में बढ़ाकर 21,500 रुपए किया गया है। विद्यार्थियों के अनुसार, दोनों की ड्यूटी और कार्य समान है, फिर भी स्टाइपेंड में अंतर है। उन्होंने चेतावनी दी कि लिखित आदेश नहीं मिलने तक धरना जारी रहेगा।

विद्यार्थियों की प्रमुख मांगें
स्टाइपेंड बढ़ाकर अन्य पैथीज के समान किया जाए
बढ़े हुए स्टाइपेंड का तत्काल लिखित आदेश जारी हो
मानदेय में पैथीज के आधार पर भेदभाव खत्म किया जाए
समान कार्य और ड्यूटी के आधार पर समान स्टाइपेंड लागू

गौरतलब है कि छात्र इस बात पर अड़े हैं कि हमें लिखित रूप से आश्वासन दिया जाए। साथ ही अन्य राज्यों की तरह इसे लागू किया जाए। नहीं तो आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है।

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