रायलसीमा में किसान और जनता सड़कों पर उतरे: उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और फाइनेंस मिनिस्टर को काले झंडे दिखाए, पॉलिटिक्स में बड़ा भूचाल
अहमदाबाद/आंध्र प्रदेश : आर्थिक नीतियों और महंगाई को लेकर देश भर में अब लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। आंध्र प्रदेश से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है, जहां रायलसीमा इलाके में आयोजित एक ऑफिशियल प्रोग्राम के दौरान देश की सेंट्रल फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण को लोकल नागरिकों, किसान संगठनों और विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं के भारी विरोध और भारी गुस्से का सामना करना पड़ा है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरा हाई-वोल्टेज ड्रामा राज्य के चीफ मिनिस्टर एन. चंद्रबाबू नायडू की सीधी मौजूदगी में हुआ, जिसने नेशनल और रीजनल पॉलिटिक्स में भारी गर्मी पैदा कर दी है। चंद्रबाबू नायडू स्टेज पर बैठे थे और उनके सामने ही जनता भड़क उठी।
मिली जानकारी के मुताबिक, रायलसीमा इलाके में एक प्रोग्राम रखा गया था जिसमें मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण खास तौर पर मौजूद थीं। जैसे ही मंत्री अपना भाषण शुरू करने वाले थे, वहां मौजूद स्थानीय किसान, नागरिक और अलग-अलग संगठनों के नेता अचानक खड़े हो गए और केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाने लगे। वित्त मंत्री के खिलाफ अचानक हुए इस ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन से सुरक्षाकर्मियों और पुलिस की सांसें फूल गईं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में जनता के इस तरह विरोध करने से सरकारी सिस्टम में खलबली मच गई। मंत्री किसानों और जनता के सवालों से घिरे रहे। स्थानीय लोगों और किसान संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और किसान विरोधी रवैये की वजह से आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे नागरिकों ने वित्त मंत्री के सामने अपना गुस्सा निकाला। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इस खुले विरोध ने यह साबित कर दिया है कि लोगों में सरकार के खिलाफ बहुत ज़्यादा नाराज़गी है। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में गर्मी बढ़ गई है और विपक्ष भी सरकार पर हमला करने में एक्टिव हो गया है।

