गोंडा जिले के नवाबगंज थानाक्षेत्र में 9 वर्षीय बालक शिवा की बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो गई। शिवा अपनी बुआ को नाव से लेने जा रहा था जब नाव की पतवार टूट गई। पतवार टूटने के बाद शिवा संतुलन खोकर पानी में गिर गया था।
गोंडा जिले में बाढ़ का कहर एक मासूम की जान ले गया। नवाबगंज थाना क्षेत्र के दत्तनगर गांव के मजरा चहलवा में बाढ़ के पानी में डूबकर 9 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवा पुत्र शिवकुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शिवा अपनी बुआ को नाव से लेने के लिए जा रहा था, तभी बीच धार में नाव की पतवार टूट गई और वह संतुलन खोकर गहरे पानी में गिर गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, चहलवा गांव के चारों तरफ बाढ़ का पानी भरा हुआ है। आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र सहारा है। 9 वर्षीय शिवा अपनी बुआ को लाने के लिए नाव लेकर गया था। नाव पर उसकी बुआ और बुआ का बेटा भी सवार थे। नाव जब गांव से कुछ दूरी पर गहरे पानी में पहुंची तो अचानक पतवार टूट गई। पतवार टूटते ही नाव डगमगाने लगी। इसी दौरान शिवा नाव से फिसलकर बाढ़ के पानी में गिर गया। पानी का बहाव तेज होने के कारण वह गहराई में चला गया।
मौके पर पहुंचे ग्रामीण
नाव पर सवार बुआ और उनका बेटा किसी तरह बाल – बाल बच गए। उन्होंने शोर मचाया तो आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद शिवा को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। मां का रो – रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि बाढ़ क्षेत्र में चल रही सरकारी नावों पर प्रशिक्षित नाविक नहीं हैं। अप्रशिक्षित और नाबालिग लोगों से नावें चलवाई जा रही हैं। अगर नाव पर अनुभवी नाविक होता तो पतवार टूटने के बाद भी नाव को संभाला जा सकता था और शिवा की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने मांग की है कि हर सरकारी नाव पर दो प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती की जाए और लाइफ जैकेट की व्यवस्था की जाए।
आर्थिक सहायक की मदद
सूचना मिलते ही नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। वहीं राजस्व विभाग की टीम भी गांव पहुंची। तहसीलदार ने मामले का संज्ञान लेते हुए लेखपाल को निर्देश दिए हैं कि मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष और बाढ़ आपदा के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द मदद मिल सके।

