वेलावदार (तखुभाई सांडसुर द्वारा) : भावनगर जिले के तीर्थ स्थल पालिताणा में गाई जाने वाली ‘मानस-शिव संकल्प’ राम कथा आज, शुक्रवार, 24 अप्रैल को अपने सातवें दिन में प्रवेश कर गई और खुशी-खुशी समाप्त हो गई। यह कथा पू. लालगिरिबापू के पवित्र निवास सगापारा धार कैलाश पहाड़ी पर गाई जा रही है, जो ब्रह्मलीन पू. विजयगिरिबापू की तपस्थली है।
आज सातवें दिन की कथा पर चर्चा करते हुए पू. मोरारि बापू ने कहा कि पालिताणा तीर्थ स्थल परचा की भूमि नहीं बल्कि यह वास्तव में परिचय की भूमि है। यहां की समर्थ चेतनाओं, जिनमें पू. रणछोड़गिरी बापू पू. बजरंगदास बापा और पू. हरिराम बापू गोदाडिया जैसे महापुरुष भी शामिल हैं, उन्होंने अपना और इस भूमि को अपने साथ परिचित कराया है। इसलिए यह धरती परिचय देने लायक है। संकल्प पूरा करने के बजाय, इसे शुद्ध करना ज़रूरी है। जागे हुए और सोए हुए, दोनों ही अवस्थाओं में हमारे संकल्प शुद्ध रहने चाहिए। अक्षर इंसान को अंधा कर देता है और परिचय उसे देखने लायक बनाता है। शब्द ही दवा है। पवित्रता बहुत ज़रूरी है। संकल्प पूरा करने के लिए एकांत चाहिए। यह स्थिर होना चाहिए, पदार्थ से रहित होना चाहिए। मौन भी उतना ही ज़रूरी है, यह हमारा धन है, इसे बचाकर रखना चाहिए। पवित्रता के लिए सात चीज़ें चाहिए। एकांत, मौन, प्राण शक्ति बढ़ाना, गुरु के चरणों को पवित्र रखना, मन पवित्र, शरीर पवित्र, मन की एकाग्रता और अहंकार का अभाव।
आज की कहानी में राम के जन्म से पहले की कहानी, राम के जन्म के पाँच कारण, माता कौशल्या समेत दशरथजी की रानियों को खीर का भोग और फिर भगवान रामजी का प्रकट होना, इन सब को इमोशनल तरीके से पेश किया गया। आज की कथा में इंटरनेशनल कथाकार श्री हर्षदभाई जोशी (नोघंनवदर), श्री रामकृष्ण शास्त्री (कुंढेली), उद्योगपति श्री वल्लभभाई सवाणी, शिक्षाविद श्री भद्रायुभाई वच्छराजानी आदि की खास मौजूदगी रही। कल, यानी रविवार, 26 तारीख को कथा पूरी होगी। स्टेज मैनेजमेंट में श्री नीलेशभाई वावडिया और मैनेजमेंट श्री दीपकभाई राज्यगुरु अहम भूमिका निभा रहे हैं। कथा के दौरान कई संत, महंत आदि की मौजूदगी से कथा की प्लानिंग सफल हो रही है।

