हेमंत वर्मा प्रदेश अध्यक्ष आईंरा इंटरनेशनल
राजनांदगांव छत्तीसगढ़ पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी एवं माननीय मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से मांग किया कि छत्तीसगढ़ में जितने फर्जी एफआईआर पत्रकारों पर हुए हैं उनके लिए आईपीएस स्तर के अधिकारी अलग से जांच करें एवं दोषी पुलिस कर्मियों पर या संगठित अपराध की तर्ज पर किए गए पूर्वाग्रह से ग्रसित एफआईआर पर संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करने का कष्ट करें
आमतौर पर देखने में आता है कि जब कोई पत्रकार किसी समस्या को या किसी अधिकारी के भ्रष्टाचार को या पुलिस विभाग की सच्चाई को ही उजागर करना प्रारंभ कर देते हैं तो उस अधिकारियों के आंखों की वह किरकिरी बन जाते हैं और उसे कोई फर्जी प्रकरण में डसने का प्रयास करते हैं छत्तीसगढ़ में सैकड़ो पत्रकार है जो फर्जी एफआईआर का शिकार हुए हैं लेकिन तारीख पर तारीख के चलते उनको न्याय नहीं मिल पाती और पुलिस में उनका नाम हो जाता है वह आए दिन चौकी थाना कोर्ट कचहरी के चक्कर में उसे पत्रकार की पूरी छवि पर दाग लग जाता है हालांकि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि पत्रकारों का कोई अगर मामला आता है उस राज्य के डीजीपी डायरेक्ट संज्ञान में ले संबंधित जिले के एसपी पूरे अपनी निगरानी में उस चीज को रखे लेकिन छत्तीसगढ़ में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है
माननीय छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं माननीय हाईकोर्ट से आग्रह है कि पत्रकारों पर जितने फर्जी एफआईआर हुए हैं उसकी अलग से जांच कराई जाए एवं दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न भारतीय दंड संहिता और भारतीय न्याय संहिता के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि देश में कानून का राज है वीआईपी हो सबके लिए है चाहे वह आम रहे अधिकारी हो या कोई भी हो इस मामले में भारतीय प्रेस परिषद को सामने आना चाहिए और माननीय सुप्रीम कोर्ट में एक रिपीटेशन तैयार करनी चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों की कैसे धज्जियां उड़ाई जा रही है

