मंदसौर पुलिस ने एक अंतर-राज्ययीय साइबर गिरोह का खुलासा किया है। ये लोग शादी के नाम पर ठगी की है। गिरोह के लोगों की गिरफ्तारी जयपुर और बिहार के अरवल से हुई है। पुलिस को शक है कि गिरोह के कनेक्शन इंटरनेशनल भी हैं।
हाइलाइट्स
मंदसौर पुलिस ने अंतर-राज्यीय शादी गिरोह का खुलासा किया
पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले छह लोगों को किया गिरफ्तार
गिरोह का मास्टरमाइंड बिहार के अरवल से गिरफ्तार
पांच आरोपियों को जयपुर से किया गया गिरफ्तार
मध्य प्रदेश की मंदसौर पुलिस ने एक अंतर-राज्यीय साइबर अपराध गिरोह का खुलासा किया है। इस गिरोह पर मैट्रिमोनियल वेबसाइटों के जरिए 100 से ज्यादा मामलों में लोगों से 11 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने राजस्थान और बिहार से छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन होने का शक
वहीं,मंदसौर एसपी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि इस के गिरोह के अंतराराष्ट्रीय कनेक्शन होने का भी शक है। विदेस में बैठे कॉलर शादी के लिए इच्छुक पार्टनर बनकर पीड़ितों को निशाना बनाने में गिरोह की मदद करते थे।
खुद को एनआरआई बताकर ठगी की
इस मामले की जांच तब शुरू हुई थी, जब शामगढ़ की एक महिला ने शिकायत की थी। एक व्यक्ति मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए उससे संपर्क किया और खुद को एनआरआई बताया।
उसने शादी के रिश्ते के लिए महिला से संपर्क किया और खुद को एनआरआई बताया। महिला के साथ धोखाधड़ी करते हुए 75 लाख रुपए ठग लिए।
विनोद कुमार मीणा, मंदसौर एसपी
नकली तस्वीरों का इस्तेमाल किया
वहीं, आरोपियों ने कथित तौर पर नकली तस्वीरों का इस्तेमाल किया। व्हाट्सएप के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों को महिला से मिलवाया, जिन्होंने होने वाले दूल्हे के परिवार के सदस्यों के तौर पर खुद को पेश किया।
विदेश से भेजे गए तोहफे के नाम पर ठगी की
साथ ही महिला के भरोसा को जीतने के बाद, उसने कहा कि विदेश से भेजे गए महंगे तोहफे कस्टम विभाग ने रोक लिए हैं और टैक्स व प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर पैसे की मांग की। अन्य आरोपियों ने महिला को कस्टम अधिकारी बनकर धमकाया। इसके बाद कई बैंक खातों में उसने साढ़े सात लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।
जांच में हुए कई खुलासे
वहीं, मंदसौर पुलिस ने शामगढ़ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया और जांच के लिए एसआईटी बनाई। आरोपियों का पता लगाने से पहले पुलिस ने 150 से ज्यादा म्यूल बैंक खातों और मोबाइल सिम कार्ड की जांच की।
बिहार से पकड़ाया गिरोह का मास्टरमाइंड
मंदसौर एसपी ने बताया कि जयपुर में छापेमारी के दौरान पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरोह के कथित मास्टरमाइंड को बिहार के अरवल जिले से पकड़ा गया।
कैश डिपॉजिट मशीनों में जमा करते थे राशि
एसपी ने कहा कि एक ग्रुप आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली, बिहार और भोपाल जैसी जगहों से म्यूल बैंक खाते और सिम कार्ड का इंतजाम करता था। जबकि दूसरा समूह पैसे निकालकर कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिए जमा करता था।
दस्तावेज कर देते थे रद्द
वहीं, बैंक खाते फ्रीज होने के बाद गिरोह ने कथित तौर पर मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक और एटीएम कार्ड नष्ट कर दिए। पुलिस ने बताया कि उन्होंने मोबाइल फोन के पीछे चिपकी पर्चियां मिलीं, जिन पर खाता नंबर लिखे थे।
22 फोन मिले
आरोपियों के पास से पुलिस को 22 एंड्रॉयड फोन, 30 म्यूल सिम कार्ड और पांच एटीएम कार्ड मिले हैं। अलग-अलग खातों में जमा आठ लाख रुपए की राशि को फ्रीज किया गया है। कानूनी प्रक्रिया के जरिए हम इस राशि को पीड़ित को लौटा देंगे। उन्होंने कहा कि गैंग के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का पता लगाने और इस रैकेट में शामिल दूसरे लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।

