मध्य प्रदेश में 21 साल बाद मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम मोहन यादव ने भोपाल से 351 बसों को हरी झंडी दिखाई है। यह बसें शहर के भीतर और इंटरसिटी में चलेंगी।
हाइलाइट्स
एमपी में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत
सुगम परिवहन सेवा की बसों का रंग है भगवा
सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की शुरुआत
उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन से बस और ट्रक चलेंगे
भोपाल: 21 साल बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर से सरकारी बसों की शुरुआत हो गई है। भोपाल से सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की है। सार्वजनिक बस सेवा की शुरुआत से आमलोगों का सफर आसान हो जाएगा। ये बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं।
एमओयू का आदान-प्रदान हुआ
सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री गडकरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के संचालन के लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध संचालक मनीष सिंह और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल के निर्देशक प्रोफेसर कैलाश राव एम के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ।
2000 में बंद हो गई थीं सरकारी बसें
राज्य सरकार ने कहा कि यह दोबारा शुरुआत उपाध्याय के अंत्योदय के दर्शन से प्रेरित है, जिसका मकसद ग्रामीण और शहरी आबादी, खासकर दूरदराज के इलाकों तक किफायती, सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुविधा पहुंचाना है। मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को 2000 के दशक की शुरुआत में बंद कर दिया गया था, जिससे सार्वजनिक परिवहन काफी हद तक निजी ऑपरेटरों पर निर्भर हो गया था।
1500 बसों की सौगात
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सुगम परिवहन के लिए प्रदेश की जनता को 1500 बसों की सौगातें मिली हैं। यह दुर्भाग्य की बात है कि बड़े पैमाने पर सड़क परिवहन की मांग हो रही है। हमने संकल्प लिया था कि सड़क परिवहन की सेवा को स्थापित करेंगे। गडकरी जी ने एमपी को खुले हाथों से सौगात दी है। उन्होंने बसों के साथ-साथ कई सड़कों की सौगात दी है। शाहपुरा में उन्होंने टोल फ्री कर दिया है।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने राज्य परिवहनों की बसों के चक्के जाम कर दिया। कांग्रेस ने लगातार षड्यंत्र किया। इनकी कार्यप्रणाली में न सड़क, न बिजली, न पानी और हर क्षेत्र में हाहाकार है। मोहन यादव ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि वे राजकुमार मानते ही नहीं हैं।
ई-बस सेवा की सौगात
सीएम मोहन यादव ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की किल्लत के बीच मध्य प्रदेश में ई-बसों की सौगात मिल रही है। डीजल-पेट्रोल से बचाव के लिए सारे संसाधन को बनाने पर जोर है। हमारी सरकार जनता के आधार के फैसलों पर चलने वाली सरकारी है। हमारी सरकार साफ-सुथरा रोड बना रही है। बीआरटीएस को हमने हटवाया।
भगवा रंग की बसें
उन्होंने कहा कि कितना अच्छा लगेगा कि भगवा रंग की बसें चलेंगी। यह कांग्रेस की छाती पर सांप लोटने जैसा है। पता नहीं, उन्हें क्या परेशानी है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि जीपीएस से बसों की लोकेशन ट्रैक किया जाएगा।
गरीब लोगों के लिए नई सेवा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह गरीबों के लिए एक नई शुरुआत है। मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं कि इससे गरीब जनता को समाधान मिलेगा। हमने अच्छे रोड बनाए हैं, उससे आपको आनंद मिलता है। सीएम ने लोगों के लिए किफायती और सुरक्षित परिवहन सेवा की शुरुआत की है। मैं वो भाग्यवान हूं, इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल किया है।
ई-20 का मतलब समझाया
नितिन गडकरी ने ई-20 पेट्रोल का मतलब समझाया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाया जाता है। मैं लोगों से सवाल पूछूंगा तो जवाब मिलेगा कि कोई दिक्कत नहीं होती है। अभी हाल ही में एक रिपोर्ट आई है कि ई-20 पेट्रोल से गाड़ी का एवरेज बढ़ा है।
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भी आया
गडकरी ने कहा कि अब इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भी आ गया है। मेरी खेती में अब इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर से कार्य होता है। अब वह डेढ़ घंटे में चार्ज होता है। इसके बाद आठ घंटे चलता है। मैं हाइड्रोजन कार से घूमता हूं। यह दिल्ली में है। यह जापान की कंपनी की है। हम हिंदुस्तान के 10 रूटों पर हाइड्रोजन और ट्रक बस चलाने वाले हैं। बड़ी कंपनियों की गाड़ियां 100 फीसदी एथेनॉल से चलने वाली हैं। हमने जब मक्के से एथेनॉल बनाना शुरू किया तो मक्के का भाव 2600 रुपए क्विंटल हो गया।
दो रुपए प्रति किमी का किराया
वहीं, मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत संचालित होने वाली बसों का किराया तय हो गया है। दो रुपए प्रति किमी किराया होगा। भोपाल से इंदौर की दूरी 190 किमी है। ऐसे में वहां तक जाने का किराया 380 रुपए होगा।
सात शहरों से हुई शुरुआत
लॉन्च के समय, सात शहरों से 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाई गई। इसमें इंदौर में 145 बसें (50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी), भोपाल में 106 बसें (23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी), जबलपुर में 67 बसें (14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी), रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में तीन और भिंड में दो इंटरसिटी बसें शामिल हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत, सरकार ने 2031 तक 15,000 बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पहले साल में 1,500 बसें चलाई जाएंगी और उसके बाद हर साल 2,500 से 3,000 बसें जोड़ी जाएंगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है बस
सुरक्षा पर ध्यान देते हुए बसों में आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी, जैसे जीपीएस, पैनिक बटन, सीसीटीवी और डिजिटल टिकटिंग। पीपीपी मॉडल को बढ़ावा देने के लिए पारदर्शी कॉन्ट्रैक्टिंग सिस्टम और इंसेंटिव स्कीम लागू की जाएंगी। प्राइवेट ऑपरेटरों को विज्ञापन और कार्गो सर्विस जैसे नॉन-फेयर सोर्स से रेवेन्यू बढ़ाने की इजाज़त होगी। साथ ही, उन्हें आधुनिक डिपो और टर्मिनल सुविधाओं के साथ-साथ सुचारू संचालन के लिए पूरा प्रशासनिक सहयोग भी मिले।

