बलराम में तेज डीजे के चलते सात साल के बच्ची की मौत के बाद अब जिले में डीजे बैन करने की मांग उठ रही है। इस संबंध में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने जिले के डीएम से मुलाकात की।
उत्तरप्रदेश के बलरामपुर जिले के डिवाइन पब्लिक स्कूल की दूसरी कक्षा की छात्रा वैष्णवी तिवारी की गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बजने से तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने अब बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने डीजे संचालक और ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इसके साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी, डीजे साउंड सिस्टम और उसे जुड़े उपकरण को बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, स्कूल के प्रबंधक आशीष कुमार उपाध्याय की तहरीर पर कोतवाली नगर थाने में चंद्र प्रकाश वर्मा और रामपाल सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने अब दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
सीसीटीवी फुटेज जांच के लिए सुरक्षित
इस घटना के बाद पुलिस ने स्कूल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर विवेचना के लिए सुरक्षित कर लिया है। पुलिस फुटेज के जरिए यह पता लगा रही है कि विसर्जन जुलूस स्कूल के पास किस समय पहुंचा और उस समय डीजे की स्थिति क्या थी। इसके साथ ही पुलिस जुलूस के दौरान इस्तेमाल किए गए साउंड सिस्टम की स्थिति और भूमिका से जुड़े तथ्यों को अपनी विवेचना में शामिल करेगी।
चौकी प्रभारी निलंबित, इंस्पेक्टर को नोटिस
इस मामले में पुलिस की स्थानीय निगरानी में लापरवाही सामने आने पर मेवालाल चौकी प्रभारी शैलेंद्र कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा को शिथिल पर्यवेक्षण के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डीजे पर बैन की तैयारी
इस घटना के बाद जिले में डीजे पर पूरी तरह से बैन लगाने की कवायद शुरू हो गई है। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह समेत दूसरे सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को बलरामपुर डीएम से मुलाकात की। उनकी डिमांड है कि धार्मिक जुलूसों में डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह से बैन लगाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बलरामपुर को यूपी का पहला डीजे मुक्त जिला बनाने का प्रस्ताव सौंपा।
बच्चों और बुजुर्गों को होती है परेशानी
इन संगठनों का कहना है कि जुलूसों में तेज डीजे के बजने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को काफी समस्या होती है। उनका कहना है कि अब सिर्फ ध्वनि की सीमा निर्धारित करने के बजाय डीजे पर पूरी तरह से बैन लगाया जाए

