मुंबई मेट्रो-4 कंस्ट्रक्शन साइट (वडाला से कासरवडावली तक) पर लोहे का एक ढांचा (स्टेजिंग स्ट्रक्चर) गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने चेतावनी दी है कि अगर कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता करने वाली कोई भी लापरवाही पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई: मुंबई मेट्रो-4 कंस्ट्रक्शन साइट (वडाला से कासरवडावली तक) पर काम करने वालों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। घटना के पांच दिन बाद यह बात सामने आई है कि वडाला में भक्ति पार्क साइट पर लोहे का एक ढांचा (स्टेजिंग स्ट्रक्चर) गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई। इसके बाद मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने कॉन्ट्रैक्टर और जनरल कंसल्टेंट पर 6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
दरअसल यह हादसा पिछले सप्ताह 12 सितंबर को शाम करीब 7:30 बजे भक्ति पार्क में मेट्रो-4 कंस्ट्रक्शन साइट पर हुआ। दो मजदूर नाधिज(33) और साकिम (37) तब गिर गए जब लोहे के ढांचे का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इसे मजदूरों की आवाजाही के लिए बनाया गया था। वे पहली मंजिल से जमीन के लेवल पर उतर रहे थे। दोनों को इलाज के लिए सायन अस्पताल ले जाया गया। एक को भर्ती करने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दूसरे की इलाज के दौरान मौत हो गई।
किस पर लगा, कितने करोड़ का जुर्माना?
MMRDA ने कहा कि वडाला हादसे की शुरुआती जांच में सब-कॉन्ट्रैक्टर की तरफ से सुपरविजन में कमी पाई गई। इसके आधार पर जिम्मेदारी तय की गई और कॉन्ट्रैक्टर व कंसल्टेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। कॉन्ट्रैक्टर, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर-अस्टाल्डी JV (RAJ V) पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि डीबी इंजीनियरिंग एंड कंसल्टिंग, हिल इंटरनेशनल और लुइस बर्जर कंसल्टिंग के कंसोर्टियम पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
एमएमआरडीए का रुख सख्त
इस मामले में पुलिस जांच चल रही है और जांच से ही हादसे की असली वजह का पता चलेगा। MMRDA ने अपने सभी प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे कॉन्ट्रैक्टरों, सब-कॉन्ट्रैक्टरों और कंसल्टेंट को सुरक्षा प्रक्रियाओं, कानूनी नियमों और कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
मुलुंड हादसे के बावजूद उन्हीं कॉन्ट्रैक्टरों की लापरवाही
इससे पहले भी मेट्रो-4 कॉरिडोर के निर्माण के दौरान एक हादसा हुआ था। फरवरी में मुलुंड में प्रीकास्ट पैरापेट का एक हिस्सा सड़क पर गिर गया था, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। उस घटना के बाद MMRDA ने ‘RAJV’ कंपनी पर 5 करोड़ रुपये और जनरल कंसल्टेंट पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। उस समय हुई जांच में पता चला था कि कॉन्ट्रैक्टर तय प्रक्रियाओं का पालन करने में नाकाम रहा था और जनरल कंसल्टेंट की साइट सुपरविजन ठीक नहीं थी।
सब-कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ मामला दर्ज
इस मामले में वडाला टी.टी. पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। सब-कॉन्ट्रैक्टर तारिक-उल-इस्लाम को आरोपी बनाया गया है। लापरवाही और कर्मचारियों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

