झुन भवानी के पवित्र मेले में शराब पार्टियों से मचा हड़कंप: “गृह क्षेत्र” पर कानून और व्यवस्था की स्थिति, अब जिम्मेदार लोगों को निलंबित करने के लिए सख्त कदम कब उठाए जाएंगे?
गिर सोमनाथ। जिले के चोरवाड़ में लगने वाले मशहूर झुन भवानी लोक मेले में लाखों रुपये की शराब खपाए जाने की चौंकाने वाली जानकारी ने पूरे राज्य में बड़ा हंगामा मचा दिया है। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के इस पवित्र मेले में खुलेआम शराब बिकते ही वहीवटदारी व्यवस्था और पुलिस वहीवटदार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच इतनी शराब कैसे आई?
हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए मेले में खाकी वर्दी वालों का काफिला तैनात किया गया था। तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में विदेशी शराब मेला परिसर में कहां से आई? क्या सिर्फ प्रवेश द्वार पर नाम की जांच हो रही थी या स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से यह बड़ा खेल किया गया? ये सवाल आज हर नागरिक की जुबान पर हैं।
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी साहब… जनता जवाब चाहती है!
गुजरात में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं चोरवाड़ मेले में हुई इस घटना ने राज्य के गृह विभाग की पोल खोल दी है। सोशल मीडिया से लेकर आम चर्चाओं तक, अब गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से सीधा सवाल पूछा जा रहा है:
पवित्र लोक मेले को शराब पार्टी में बदलने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
अगर पुलिस की नाक के नीचे लाखों रुपये की शराब बेची और पी गई, तो लापरवाह अधिकारियों में से किसे निलंबित किया जाएगा?
क्या इतनी बड़ी घटना के बाद भी सिर्फ कागजी जांच करके मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा?
स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा: वहीवटदार पर कड़ा हमला
गांधी के गुजरात में धार्मिक मेलों में शराब की इस तरह खुलेआम बिक्री देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी गुस्सा है। लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले में एक उच्च-स्तरीय जांच समिति बनाई जाए और मेले की सुरक्षा में तैनात जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। अगर वहीवटदार इस मामले में संतोषजनक जवाब नहीं देता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं करता है, तो आने वाले दिनों में यह मामला और गंभीर होने की पूरी संभावना है।

