उत्तरप्रदेश के गोण्डा में स्कूल बस खराब होने के बाद आठ वर्षीय छात्रा को कथित तौर पर एक अनजान ई-रिक्शा चालक के भरोसे घर भेजने का आरोप लगा है।
गोण्डा: खोड़ारे थाना क्षेत्र में स्कूल प्रबंधन की परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। बस खराब होने के बाद आठ वर्षीय छात्रा को कथित तौर पर एक अनजान ई-रिक्शा चालक के भरोसे घर भेज दिया गया। आरोप है कि रास्ते में चालक ने बच्ची को आगे बैठाकर उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की। घर पहुंचते ही बच्ची रोने लगी और उसने मां को घटना बताई तो परिवार में हड़कंप मच गया।
बभनजोत डड़वा निवासी महिला के मुताबिक उसकी आठ वर्षीय बेटी हाजी जमीरुउल्लाह पब्लिक स्कूल में पढ़ती है। स्कूल की ओर से बच्चों को लाने-ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था की जाती थी। महिला का आरोप है कि 11 सितंबर को स्कूल बस खराब होने के बाद प्रबंधन ने बच्ची समेत अन्य छात्रों को एक ई-रिक्शा से घर भेज दिया। इसी दौरान रास्ते में चालक ने बच्ची को आगे बैठाया और उसके साथ गलत तरीके से स्पर्श किया।
बच्ची ने रोते हुए मां को आपबीती बताई
घर पहुंचने के बाद बच्ची ने रोते हुए मां को आपबीती बताई। मां ने तत्काल स्कूल प्रबंधक बब्बू को फोन कर घटना की जानकारी दी। आरोप है कि इसके बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद महिला ने 16 सितंबर को खोड़ारे पुलिस से शिकायत की।
प्रभारी निरीक्षक ज्ञान सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपी ई-रिक्शा चालक की पहचान करने के साथ ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
स्कूल की मान्यता और परिवहन व्यवस्था भी जांच के घेरे में
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है और खंड शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। यह भी जांच कराई जा रही है कि आखिर अनजान ई-रिक्शा से बच्ची को किन परिस्थितियों में भेजा गया और विद्यालय की मान्यता है या नहीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर विद्यालय एवं प्रबंध तंत्र के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।

