पाटन जिले के समी तालुका में मानवता को शर्मसार करने वाली और हृदयविदारक घटना सामने आई है। कठीवाड़ा के समीप स्थित एक बंद मिल के परिसर से बीते दिनों 6 से 7 महीने की लावारिस मासूम बच्ची के मिलने से सनसनी फैल गई। फूल जैसी मासूम बच्ची के रोने की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मासूम का बचाव करते हुए, घटना की जानकारी मिलते ही समी पुलिस का दल तुरंत मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने मासूम बच्ची को अपने कब्जे में लेकर प्राथमिक उपचार के लिए समी सरकारी अस्पताल और उसके बाद अधिक देखभाल के लिए धारपुर सामान्य अस्पताल भेज दिया।
बच्ची को कौन और क्यों लावारिस छोड़ गया, इसकी जांच के लिए पुलिस ने कठीवाड़ा और आसपास के इलाकों के कैमरों और मोबाइल की स्थिति की गहराई से जांच की। कड़ी निगरानी और कैमरों के दृश्य के आधार पर पुलिस ने मासूम को लावारिस छोड़ने के अपराध में शामिल 2 आरोपियों की पहचान करके उन्हें हिरासत में ले लिया है।
महानगर मेट्रो के तीखे सवाल हैं कि फूल जैसी 6 महीने की बेटी को झाड़ियों या बंद मिल के परिसर में लावारिस छोड़ देने वाले क्रूर अपराधियों के पीछे कौन सी मजबूरी या कौन सा काला अध्याय छिपा है? आज के समाज में अभी भी बेटी के प्रति अनादर या अवैध संबंधों को छिपाने की होड़ में मासूमों की जान जोखिम में डालने का पाप कब बंद होगा?
पाटन पुलिस ने तकनीक का उपयोग करके 2 आरोपियों को पकड़कर प्रशंसनीय कार्य किया है, लेकिन महानगर मेट्रो समाचार मांग करता है कि ऐसे दरिंदों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि कोई भी मासूम के साथ फिर से ऐसा पाप करने की हिम्मत न करे।

