अहमदाबाद (बोपल)। अहमदाबाद जिले के सबसे पॉश माने जाने वाले बोपल इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है। बोपल पुलिस स्टेशन में कार्यरत एक साधारण जीआरडी (ग्राम रक्षक दल) जवान मेहुल पंचाल के कथित तौर पर पूरे पुलिस स्टेशन का ‘वहीवटदार’ (प्रशासक/वसूली बाज) बन बैठने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक साधारण वेतनभोगी जीआरडी जवान के पास अचानक अकूत संपत्ति कहां से आई? क्या आयकर विभाग और भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (एसीबी) इस कथित वहीवटदार की बेनामी संपत्तियों की निष्पक्ष जांच करेंगे? यह सवाल इस समय पूरे बोपल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
शराब, जुआ, जहरीली शराब और एमडी ड्रग्स का बेखौफ नेटवर्क: युवा पीढ़ी हो रही बर्बाद
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बोपल इलाके में देशी-विदेशी शराब के अड्डे, जुआघर और घातक एमडी ड्रग्स का नेटवर्क बेधड़क चल रहा है। राज्य में पहले हुई लट्ठाकांड (जहरीली शराब कांड) जैसी गंभीर त्रासदियों से भी बोपल पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया है। बोपल में हानिकारक रसायनों से युक्त जहरीली शराब खुलेआम बेची जा रही है, जो सीधे तौर पर एक और लट्ठाकांड को न्योता दे रही है। शराब तस्करों में पुलिस का कोई डर नहीं रह गया है और परिणामस्वरूप क्षेत्र की युवा पीढ़ी नशे की गर्त में धकेल कर बर्बाद की जा रही है।
विदेशी युवतियों द्वारा स्पा की आड़ में गोरखधंधा: पैसों के लालच में पुलिस मौन?
चौंकाने वाले विवरण के अनुसार, बोपल के पॉश इलाकों में स्थित स्पा सेंटरों में विदेशी युवतियों को रखकर गैर-कानूनी और असामाजिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। आरोप है कि कथित वहीवटदार और पुलिस के कुछ भ्रष्ट तत्वों के हफ्ताखोरी के लालच के कारण इन सभी काले कारोबारों को खुली छूट मिल गई है। क्या स्थानीय पुलिस निरीक्षक को इस बात की जानकारी नहीं है या फिर पैसों के लालच में आंखें मूंद ली गई हैं? यह एक बड़ा सवाल है।
क्या एलसीबी और जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनजान हैं? उच्च स्तरीय जांच की मांग
सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि क्या अहमदाबाद जिला एलसीबी (लोकल क्राइम ब्रांच), वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) इन सभी गोरखधंधों से सचमुच अनजान हैं या उनके सामने तस्वीर अलग पेश की जा रही है? जब गृह मंत्री हर्ष संघवी राज्य में ड्रग्स और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हैं, तब बोपल पुलिस स्टेशन के इस कथित वहीवटदार और पूरे हफ्ताखोरी रैकेट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग और निष्पक्ष एजेंसियों द्वारा गहन जांच की उम्मीद बोपल की जनता कर रही है।

