गोंडल/राजकोट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ समेत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस बीच राजकोट के गोंडल शहर से एक चौंकाने वाला और विवादित मामला सामने आया है। पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर जलाने के लिए मंगवाए गए मिट्टी के दीये बीयर की पेटियों (शराब के डिब्बों) में भरकर सप्लाई किए जाने से भारी हंगामा मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
गोंडल शहर में पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम के लिए बड़ी मात्रा में मिट्टी के दीये मंगवाए गए थे। लेकिन जब दीयों की यह खेप उतारी गई तो वहां मौजूद लोग और कार्यकर्ता दंग रह गए। दीये सामान्य गत्ते के डिब्बों के बजाय बीयर की पेटियों और शराब के ब्रांड वाले डिब्बों में पैक होकर आए थे।
लोगों में भारी आक्रोश और चर्चा का विषय
राज्य में एक तरफ सख्त शराबबंदी का दावा किया जाता है और दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च नेता के जन्मदिन के पवित्र अवसर पर इस्तेमाल होने वाले दीये शराब/बीयर के डिब्बों में लाए जाने पर स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही गोंडल समेत पूरे राजकोट जिले की राजनीति में गर्माहट आ गई है।
अंजाने में हुई गलती या बड़ी लापरवाही?
यह मामला सामने आने के बाद आयोजक और सप्लायर भाग-दौड़ करने लगे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दीये पैक करने वाले व्यापारी या कुम्हार ने आसपास से मिले रद्दी के डिब्बों के रूप में बीयर के खाली डिब्बों का इस्तेमाल कर लिया होने की चर्चा है। हालांकि, एक धार्मिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील अवसर के लिए इस तरह की घोर लापरवाही बरते जाने से प्रशासनिक तंत्र और स्थानीय नेतृत्व बैकफुट पर आ गया है।
गंभीरता से लिया गया संज्ञान
घटना के वायरल होते ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और इस सामान को तुरंत दूसरे सही पैकिंग में शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी गई है। जन्मदिन के जश्न से ठीक पहले पैदा हुए इस अजीब विवाद से गोंडल इलाके में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है।

