मराठा समुदाय के लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर इस आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए मनोज जरांगे पाटिल भावुक हो गए। उन्होंने खानदेश और विदर्भ इलाकों के मराठा समुदाय के लोगों से भी इस आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने मराठा समुदाय से मुंबई में बड़ी संख्या में आकर अपनी ताकत दिखाने की अपील की।
मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 29 अगस्त से अंतरवाली सराटी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे मनोज जारांगे पाटिल ने आखिरकार मुंबई तक मार्च करने की तारीख का ऐलान कर दिया है। जारांगे पाटिल ने घोषणा की कि वे 15 सितंबर को अंतरवाली सराटी से मुंबई के लिए निकलेंगे। उन्होंने यह भी पक्का इरादा जताया कि मुंबई पहुंचने के बाद आरक्षण मिलने तक वे पीछे नहीं हटेंगे। मनोज जारांगे पाटिल ने मुंबई आंदोलन के लिए संभावित रास्ते और रुकने की जगहों की भी घोषणा की है।
योजना के अनुसार, मार्च 15 सितंबर को अंतरवाली सराटी से शुरू होगा और पटोदा (बीड जिला) में रुकेगा। 16 सितंबर को श्रीगोंडा (अहिल्यानगर जिला) जाएगा। 17 सितंबर को हडपसर (पुणे) पहुंचेगा और 18 सितंबर को खोपोली या कोपर खैराने इलाके में रुकेगा। जारांगे पाटिल ने कहा कि इसके बाद वे 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान में अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
मराठा समुदाय के सदस्यों से अपील
जारांगे पाटिल ने मुंबई की ओर मार्च कर रहे मराठा समुदाय के सदस्यों से अपील की कि वे एक ही रास्ते पर अनुशासित तरीके से आगे बढ़ें और रास्ते से न भटकें। आंदोलन के दौरान सभी से शांति और संयम बनाए रखने का आग्रह करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी को भी पत्थरबाजी नहीं करनी चाहिए या कानून का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरा विरोध प्रदर्शन, अंतरवाली सराटी से निकलने से लेकर मुंबई में आंदोलन और आरक्षण मिलने के बाद वापसी तक शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा।
इस बीच, जारांगे पाटिल ने इस मामले पर न्यायपालिका के रुख के लिए उसका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका गरीबों के साथ अन्याय नहीं करती है और जब सरकार अन्याय करती है तब भी अदालतें लोगों के साथ खड़ी रहती हैं। इसलिए उन्होंने मराठा समुदाय के सभी सदस्यों से न्यायपालिका का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने यह भी मांग की कि पुलिस और प्रशासन को मुंबई की ओर मार्च कर रहे मराठा समुदाय के सदस्यों के लिए बाधाएं नहीं खड़ी करनी चाहिए।
मनोज जारांगे ने कहा कि गृह मंत्री और पुलिस को मराठा समुदाय के सदस्यों को रोकने के लिए सड़क पर बैरिकेड नहीं लगाने चाहिए। इसका मकसद लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन के जरिए अपने अधिकार हासिल करना है। उन्होंने मराठा समुदाय के उन लोगों से अपील की जो मुंबई नहीं जा सकते कि वे घर पर न बैठें बल्कि मुख्य सड़कों पर आकर प्रदर्शनकारियों का स्वागत करें और उन्हें अपना आशीर्वाद दें। उन्होंने यह भी साफ किया कि जिन लोगों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें मुंबई जाने के लिए कर्ज़ नहीं लेना चाहिए।
इस मौके पर जारांगे पाटिल ने सरकार, खासकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी बात की। उन्होंने कहा कि भले ही वे सरकार के नियमों को मानने को तैयार हैं, लेकिन मुंबई में प्रदर्शन ज़रूर होगा। उन्होंने एक नई घोषणा भी की। बस मेरे इस आंदोलन को सफल होने दीजिए और मैं पक्का करूंगा कि पूरे जायकवाड़ी बांध का पानी मराठवाड़ा में पहुंचाया जाए।
10 मिनट में महाराष्ट्र बंद
जारांगे पाटिल ने अपील की कि अगर आंदोलन के दौरान किसी मराठा युवा की जान खतरे में पड़ती है या खून बहता है, तो 10 मिनट के भीतर महाराष्ट्र में शांतिपूर्ण बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने मराठा समुदाय को तालुका स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने और आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने का निर्देश भी दिया। अपना संकल्प जताते हुए जारांगे पाटिल ने कहा कि जब तक हम मुंबई पहुंचकर आरक्षण हासिल नहीं कर लेते, मैं पीछे नहीं हटूंगा। साथ ही उन्होंने माना कि आंदोलन की लड़ाई आसान नहीं होगी। वे भावुक हो गए और कहा कि वे आखिर तक मराठा समुदाय के लिए लड़ेंगे। कुल मिलाकर, अंतरवाली सराटी में भूख हड़ताल के बाद, आंदोलन के अगले चरणों को तय कर लिया गया है। 15 सितंबर से मुंबई की ओर मार्च और 19 सितंबर से आज़ाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल। मनोज जारांगे ने समुदाय के लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद ये फ़ैसले लिए। इस बैठक के लिए राज्य के हर कोने से बड़ी संख्या में मराठा समुदाय के लोग अंतरवाली सराटी में इकट्ठा हुए थे।

