नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ गोंडा में मारे गए कारोबारी अजय साहनी के घरवालों से मिलने जा रहे थे। बाराबंकी में शहाबपुर टोल गेट पर पुलिस ने काफिले को रोक लिया।
बाराबंकी: कारोबारी अजय साहनी हत्याकांड के बाद परिवार से मिलने जा रहे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने बाराबंकी में मसौली के शहाबपुर टोल गेट पर रोक लिया। इस पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस और धक्का-मुक्की हुई।
नगीना सांसद चंद्रेशखर को जब काफिला रोके जाने की खबर लगी तो वह वाहन से उतरकर पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचे। बातचीत के दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद वह पुलिस कर्मियों से माफी मांगने की मांग लेकर कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए।
‘सरकार और प्रशासन को लेनी होगी जिम्मेदारी’
चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि हम इस गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर यह सब पुलिस संरक्षण में हुआ है तो सरकार और प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। मैं विनोद साहनी से करीब दो महीने पहले मिला था। वह सरनेलगंज से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। आजाद ने साहनी के परिवार को सुरक्षा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

