गोरखनाथ मंदिर की अब एआई से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 23.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
गोरखपुर: शासन ने राम जन्मभूमि परिसर, गोरखनाथ मंदिर, जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और पुलिस बल को आधुनिक बनाने के लिए एक साथ कई बड़े खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। सिर्फ गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को एआई आधारित निगरानी प्रणाली से लैस करने पर 23.07 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि राम मंदिर और अन्य अति संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए विशेष हथियार और उपकरण खरीदे जाएंगे।
मंदिर की सुरक्षा में खर्च होंगे 23 करोड़ रुपये
सबसे बड़ा खर्च गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा के लिए किया गया है, जहां मौजूदा सीसीटीवी नेटवर्क को एआई आधारित सर्विलांस सिस्टम, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर), इंटीग्रेटेड पब्लिक एड्रेस सिस्टम और इंटीग्रेटेड कमांड ऐंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। 392 कैमरों के लिए वीडियो मैनेजमेंट सिस्टम इंटीग्रेशन तैयार होगा। वीवीआईपी रूट, हेलिपैड और प्राचीन मानसरोवर मंदिर क्षेत्र तक निगरानी का दायरा बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 23.07 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
आधुनिक टियर स्मोक म्यूनिशन दिए जाएंगे
प्रदेश पुलिस को कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए आधुनिक टियर स्मोक म्यूनिशन (धुएं वाले बम) उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसमें 20000 टियर स्मोक शेल, 10000 टियर स्मोक ग्रेनेड, 10000 स्टन ग्रेनेड, 5000 पावा ग्रेनेड, 4000 डाई मार्कर ग्रेनेड, 3000 कैंडल स्मोक समेत विभिन्न श्रेणी के उपकरण शामिल हैं। इस पर 10.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राम मंदिर, हाईकोर्ट और लोकभवन के लिए QRT
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर परिसर, एयरपोर्ट, लोकभवन, मेट्रो, आरआरटीएस, हाईकोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए यूपीएसएसफ की त्वरित प्रतिक्रिया टीम और बम निरोधक दस्तों को नई क्षमताएं दी जाएंगी। इसके तहत तीन स्नाइपर राइफल और 14 टेलीस्कोपिक सर्च मिरर खरीदे जाएंगे। इस पर 52.60 लाख रुपये खर्च होंगे।
जनप्रतिनिधियों और VVIP की सुरक्षा होगी और मजबूत
जनप्रतिनिधियों और वीवीआईपी की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुराने हथियारों की जगह 800 नई 9 एमएम सब मशीन गन और 2.56 लाख कारतूस खरीदे जाएंगे। इस खरीद पर 5.59 करोड रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा पीएसी की तीन महिला बटालियनों के लिए 373 पिस्टल और 90 ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफलें खरीदी जाएंगी, जिस पर 1.94 करोड़ रुपये खर्च होंगे। विस्फोटक पहचान क्षमता बढ़ाने के लिए बीडीडीएस, एटी-माइस और एएस चेक टीमों को 14 हैड हेल्ड एक्सप्लेसिव डिटेक्टर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इस पर 4.19 करोड़ रुपये मजूर किए गए है।

