एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सिविल लाइन और शहर कोतवाली के कुल 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
मुजफ्फरनगर : 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे की 13वीं बरसी पर शहर में विवादित पोस्टर चस्पा होने और हाउस अरेस्ट किए गए सपा सांसद हरेंद्र मलिक के पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर सहारनपुर पहुंचने के मामले में एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में सिविल लाइन और शहर कोतवाली के कुल 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइन थाने के आठ और शहर कोतवाली के छह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। निलंबित पुलिसकर्मियों में चार दारोगा, स्थानीय अभिसूचना इकाई का एक उपनिरीक्षक और नौ कांस्टेबल शामिल हैं।
पोस्टरों ने बढ़ाया तनाव
सोमवार को दंगे की बरसी के मौके पर मुजफ्फरनगर समेत आसपास के कई शहरों में पोस्टर दिखाई दिए। इनमें लिखा था- न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे। रोडवेज बस स्टैंड समेत शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जाने की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस ने आनन-फानन में पोस्टर हटवाए। प्रकाश चौक के आसपास पोस्टर चस्पा किए जाने की घटना ने स्थानीय पुलिस की निगरानी और रात्रि गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कराई। एसएसपी ने जांच की जिम्मेदारी एसपी सिटी अमृत जैन को सौंपी है।
पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज की शुरुआती जांच में दो युवक रोडवेज बस से उतरते और अलग-अलग स्थानों पर पोस्टर लगाते दिखाई दिए हैं। पुलिस को आशंका है कि इस घटनाक्रम में दो से अधिक युवक शामिल हो सकते हैं। फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की तैयारी है।
सांसद पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए
दूसरी कार्रवाई सपा सांसद हरेंद्र मलिक के हाउस अरेस्ट से निकलकर सहारनपुर पहुंचने के मामले में हुई। दंगे की बरसी और सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पैदा हुए माहौल को देखते हुए पुलिस ने हरेंद्र मलिक के मुजफ्फरनगर स्थित आवास पर पुलिस बल तैनात कर उन्हें हाउस अरेस्ट किया था।
इसके बावजूद सांसद सोमवार को पुलिस टीम को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच गए। वहां उन्होंने ध्वस्त मस्जिद स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से मुलाकात भी की। सुरक्षा घेरे में तैनाती के बावजूद सांसद के शहर से बाहर निकल जाने पर पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने शहर कोतवाली के दारोगा नितिन कुमार और यशपाल सिंह तथा कांस्टेबल नदीम, निशांत कुमार, दीपक गौतम और दिनेश कुमार को निलंबित कर दिया।
देर रात में दो मामलों पर 14 पर गिरी गाज
सिविल लाइन क्षेत्र में पोस्टर प्रकरण को लेकर दारोगा पंकज कुमार और मुकुल कुशवाहा, एलआईयू के उपनिरीक्षक राजकुमार तथा कांस्टेबल महेंद्र प्रताप सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल विवेक कुमार, विशाल कुमार, मोनू कुमार और अमित शर्मा को निलंबित किया गया है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर पोस्टर लगाने पर प्रतिबंध है। पोस्टर प्रकरण की जांच एसपी सिटी अमृत जैन को सौंपी गई है। सीसीटीवी फुटेज में दो युवक पोस्टर लगाते दिखाई दिए हैं। जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

