ब्यूरो रिपोर्ट: महानगर मेट्रो : लोकेशन: जलगांव, महाराष्ट्र
महानगर मेट्रो: बैंकिंग और सरकारी कामों में ‘KYC’ (Know Your Customer) का मतलब होता है ग्राहक की पहचान करना। लेकिन महाराष्ट्र के जलगांव में एक दरिंदे कर्मचारी ने इस नियम का अर्थ ही बदल दिया। उसने एक महिला ग्राहक से केवाईसी अपडेट करने के बदले जो शर्मनाक मांग की, उसने पूरे बैंकिंग सिस्टम और भरोसे को तार-तार कर दिया है।
काम के बदले ‘हवस’ का सौदा
मामला तब शुरू हुआ जब पीड़ित महिला बैंक से जुड़े अपने काम के लिए आरोपी कर्मचारी के संपर्क में आई। आरोपी ने मदद करने के बजाय महिला पर डोरे डालने शुरू कर दिए। हद तो तब हो गई जब उसने साफ लफ्जों में कहा— “पहले सेस करो, तभी तुम्हारा काम आगे बढ़ेगा।”** नफरत से भरे इस शख्स की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि वह महिला के घर तक जा पहुँचा और वहां भी अपनी अश्लील मांगें दोहराईं। उसे लगा था कि वह महिला को डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बना लेगा।
सलाम है इस हिम्मत को: अगर वह चुप रहती तो क्या होता?
आमतौर पर ऐसे मामलों में महिलाएं बदनामी और समाज के डर से खामोश हो जाती हैं, जिसका फायदा ये ‘भेड़िए’ उठाते हैं। लेकिन इस महिला ने डरने के बजाय लड़ने का फैसला किया। उसने आरोपी की धमकियों के आगे घुटने नहीं टेके और सीधे पुलिस स्टेशन जाकर उसके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई
महानगर मेट्रो सवाल पूछता है: कल्पना कीजिए, अगर वह महिला चुप रह जाती तो क्या होता? यह अपराधी आज भी खुलेआम घूम रहा होता और न जाने कितनी और महिलाओं को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाता। उसकी एक ‘ना’ और एक ‘शिकायत’ ने समाज के इस कोढ़ को जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।
महानगर मेट्रो का नजरिया: बहनें डरें नहीं, आवाज़ उठाएं!
जलगांव की यह घटना हमारे समाज के उन सफेदपोश अपराधियों को बेनकाब करती है जो कुर्सी और ओहदे की आड़ में महिलाओं का शोषण करते हैं।
चेतावनी: बैंकिंग या किसी भी काम के लिए कोई भी आपसे आपकी मर्यादा का सौदा नहीं कर सकता।
अपील : अगर कोई भी आपको इस तरह परेशान करे, तो तुरंत पुलिस की मदद लें। आपकी एक आवाज़ कई और जिंदगियों को तबाह होने से बचा सकती है।
महानगर मेट्रो इस बहादुर महिला की हिम्मत को सलाम करता है। याद रखिए, खामोशी अपराधी का सबसे बड़ा हथियार है, इसे अपनी आवाज़ से तोड़ दें!

