चंदौली के रामशाला गांव में खेलते समय दो साल की बच्ची का सिर प्रेशर कुकर में फंस गया। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद कुकर को सुरक्षित तरीके से निकाल लिया।
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के शहाबगंज क्षेत्र में शनिवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। रामशाला गांव में खेलते समय दो साल की बच्ची का सिर प्रेशर कुकर में फंस गया। बच्ची को परेशान देखकर परिजन घबरा गए और काफी प्रयास के बावजूद जब कुकर नहीं निकल सका तो उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने बच्ची की स्थिति का परीक्षण करने के बाद सुरक्षित तरीके से कुकर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। कई घंटे की मशक्कत के बाद डॉक्टरों को सफलता मिली। कुकर निकलने के बाद बच्ची को उपचार दिया गया और उसकी स्थिति सुरक्षित बताई गई है।
खेलते समय कुकर में फंस गया सिर
मामला शहाबगंज थाना क्षेत्र के रामशाला गांव का है। बताया गया कि गांव निवासी श्यामनारायण की दो वर्षीय बेटी सुहानी घर में खेल रही थी। इसी दौरान खेल-खेल में उसने अपना सिर प्रेशर कुकर में डाल लिया। जब बच्ची ने सिर बाहर निकालने का प्रयास किया तो वह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद वह परेशान होकर रोने लगी। बच्ची की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। सिर कुकर में फंसा देखकर वे भी घबरा गए।
परिजनों ने घर पर निकालने का किया प्रयास
परिजनों ने बच्ची के सिर से कुकर निकालने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इस बीच बच्ची लगातार परेशान हो रही थी। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। काफी प्रयास और आपसी सलाह के बाद परिजन बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों को पूरे मामले की जानकारी दी गई।
डॉक्टरों ने जांच के बाद शुरू की प्रक्रिया
जिला अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने पहले बच्ची की स्थिति का परीक्षण किया। इसके बाद डॉक्टरों ने आपस में विचार-विमर्श कर कुकर को सुरक्षित तरीके से निकालने की प्रक्रिया शुरू की। डॉक्टरों की टीम ने काफी सावधानी के साथ कई घंटे तक प्रयास किया। आखिरकार बच्ची के सिर से कुकर को सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके बाद बच्ची का आवश्यक उपचार किया गया।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि अस्पताल में ऐसा मामला आया था। डॉक्टरों ने सुरक्षित तरीके से बच्ची के सिर से कुकर निकाल दिया है। उन्होंने बताया कि बच्ची फिलहाल सुरक्षित है।

