मेघराज ने उत्तर और मध्य भारत में भयानक रूप ले लिया है। आसमानी आफ़त ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। लगातार मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया है, वहीं नदियां और नाले उफान पर आकर उफान पर हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कई जिलों में स्कूल-कॉलेजों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं।
बिहार में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर और भयावह स्थिति में पहुंच गई है। राज्य के कई जिले बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिससे 6.65 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। गंगा, कोसी, गंडक और बूढ़ी गंडक जैसी बड़ी नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं, जिसकी वजह से हजारों घरों में पानी भर गया है। लोग अपने घर छोड़कर ऊंचे इलाकों और नेशनल हाईवे पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। NDRF और SDRF की टीमें दिन-रात राहत और बचाव के काम में लगी हुई हैं, लेकिन पानी का लेवल लगातार बढ़ने से हालात काबू से बाहर होते जा रहे हैं।
दूसरी ओर, उत्तराखंड में लैंडस्लाइड और भूस्खलन की वजह से केदारनाथ धाम जाने वाला रास्ता पूरी तरह से ब्लॉक हो गया है। मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बाद और भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ चार धाम यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है। हजारों तीर्थयात्रियों को सुरक्षित जगहों पर रोका गया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई शहरों में भी पानी भरने से ट्रैफिक में रुकावट आई है और शहरों और ग्रामीण इलाकों के बीच संपर्क टूट गया है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान जताया है, जिसके बाद अधिकारियों ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं। पूरा उत्तर भारत इस समय मूसलाधार बारिश और बाढ़ के भयानक प्रकोप के कारण प्रकृति के प्रकोप का सामना कर रहा है।

