पुणे के रहने वाले एक शख्स ने नई कारें खरीदीं। इस कारों को लेने के लिए वह अपने दोस्तों के साथ पहुंचा। कारों को फूलों से सजाकर काफिले में लाया गया। इस दौरान मुंबई-बेंगलुरु हाई कोर्ट पर जाम लग गया। ड्रोन से शूटिंग की गई। पुणे पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुणे : एक शख्स ने नई कार खरीदीं। इस नई कार के साथ उसने रील बनाने का फैसला लिया। फिर सजी-धजी और ढकी कार को काफिले की बीच निकाला और उसकी रील बनाकर पोस्ट की। ऐसा करना उसके लिए मुसीबत बन गया। नई कारें खरीदने के बाद का जश्न पुलिस केस में बदल गया। उसकी गाड़ियां जब्त हो गईं और उसे पुलिस ने पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने शख्स के सिविक सेंस पर सवाल उठाए और उसके जमकर सुनाई। मामला पुणे के पिंपरी-चिचवड का है।
पुणे के रहने वाले शख्स ने महिंद्रा BE 6 और टोयोटा फॉर्च्यूनर SUV खरीदी थीं। उसने शोरूम से लेकर अपने घर तक इस कारों के आने की रील बनाने की सोची। उसने यह रील मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर बनाई।
मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर ट्रैफिक जाम
शख्स का जश्न कथित तौर पर ट्रैफिक के लिए खतरा बन गया। पुलिस ने सोहम पर वीडियो रिकॉर्ड करते समय व्यस्त सड़क को ब्लॉक करने का आरोप लगाया। यह घटना 27 अगस्त को हुई, जब ग्रुप ने कथित तौर पर वाकड में बानेर और भुजबल चौक के बीच अपनी गाड़ियां रोकीं और खतरनाक तरीके से चलाईं। इस स्टंट की वजह से ट्रैफिक जाम हो गया और गाड़ियों की आवाजाही में रुकावट आई।
ड्रोन से शूट किया वोडियो
यह मामला तब सामने आया जब घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। पुलिस ने बताया कि ग्रुप ने शूटिंग (जिसमें ड्रोन से लिया गया फुटेज भी
शामिल था) के लिए हाईवे पर अपनी गाड़ियां खड़ी कीं और उनकी रफ्तार धीमी कर दी। खबरों के मुताबिक, गाड़ियों के काफिले के पीछे गाड़ियों की कतार लग गई थी। वीडियो में दिख रहा है कि एक खुले ट्रक में लाल कपड़े में ढकी कार रखी है। उसके आगे बीई 9 चल रही है और आसपास दूसरी गाड़ियों को काफिला चल रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया केस
बावधन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मावल के कुसगांव निवासी महिंद्रा BE 6 के मालिक को हिरासत में लिया है। अन्य लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिनमें दो टोयोटा फॉर्च्यूनर SUV के ड्राइवर और वीडियो शूट करने के लिए हायर किया गया फोटोग्राफर शामिल है।
भड़के यूजर्स
इस घटना ने ऑनलाइन बहस छेड़ दी है। कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने दूसरे वाहन चालकों की जान जोखिम में डालने के लिए इस ग्रुप की आलोचना की है। एक व्यक्ति ने कमेंट किया, यह ‘नए पैसे’ (अचानक अमीर बनने) का एक आम मामला है, लेकिन इसमें ज़रा भी क्लास या सिविक सेंस (नागरिक समझ) नहीं है!
एक अन्य यूजर ने सवाल उठाया कि क्या ट्रैफिक नियमों को समान रूप से लागू किया जाता है। उन्होंने लिखा कि आम लोगों का चालान तब तक नहीं काटा जाना चाहिए जब तक कि हर VIP के साथ भी अनुशासन के सामान्य नियम न अपनाए जाएं। सिर्फ़ आम लोगों को ही नहीं, बल्कि सभी को सही ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए।

