अमेरिका पहुंचकर ‘डॉलर ड्रीम’ पूरा करने का सपना अब कई इंडियन युवाओं के लिए ज़िंदगी की सबसे बड़ी भयानक गलती साबित हो रहा है। गैर-कानूनी तरीके से (डिंकी रूट से) विदेश जाने का रास्ता कितना खूनी और जानलेवा हो सकता है, इसकी एक दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है। हरियाणा के 27 साल के नौजवान विशाल ने अमेरिका जाने के लिए एक एजेंट को 45 लाख रुपये दिए, जिसके लिए परिवार ने अपनी ज़मीन भी बेच दी। लेकिन विशाल को नहीं पता था कि यह फैसला उसे मौत के मुंह में धकेल देगा।
इंडिया, यूरोप, ब्राज़ील और पनामा के खतरनाक जंगलों की नारकीय पीड़ा
एजेंट विशाल को इंडिया से यूरोप और फिर ब्राज़ील ले गया। वहां से डिंकी रूट की असली पीड़ा शुरू हुई। उसे पनामा के जंगलों में चार दिन तक लगातार डर और खौफ से चलना पड़ा, ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ना पड़ा और गर्दन तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। विशाल ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि जंगल में सड़क पर कई लाशें पड़ी थीं और रात में उसे हिंसक जानवरों की आवाज़ों के बीच अपनी जान बचाते हुए आगे बढ़ना पड़ा। किसी को नहीं पता था कि इस नरक जैसे जंगल में घुसने वाला इंसान ज़िंदा निकलेगा या नहीं!
मेक्सिको में गनपॉइंट पर किडनैप, 2 महीने बंधक और गोलियों के बीच भागता रहा
जंगल में असहनीय तकलीफ़ सहने के बाद जब विशाल मेक्सिको पहुँचा, तो उसकी परेशानियाँ खत्म होने के बजाय और भी डरावनी हो गईं। लोकल गुंडों ने उसे गनपॉइंट पर किडनैप कर लिया और दो महीने तक बंधक बनाए रखा। आखिर में, विशाल अपनी जान बचाने के लिए दूसरी मंज़िल से कूद गया। बाद में, गुंडों के फायरिंग करने के बावजूद, वह खून से लथपथ हालत में भी भागता रहा और मुश्किल से अपनी जान बचाई।
उसने 10 महीने एक अमेरिकन जेल में बिताए, और उसे जेल में अपने पिता की मौत की खबर मिली।
जैसे ही वह अमेरिकन बॉर्डर के पास पहुँचा, उसे अमेरिकन पुलिस ने पकड़ लिया। उसे लगभग 10 महीने तक टेक्सास की जेल में रखा गया। इसी कैद के दौरान उसे पता चला कि उसके पिता गुज़र गए हैं। अपने फैसले और पिता को खोने के सदमे से टूट चुके विशाल को एहसास हुआ कि गैर-कानूनी तरीके से विदेश जाने का उसका फैसला उसकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी गलती थी।
डिपोर्ट किया गया और खाली हाथ भारत लौटा
जब अमेरिकी अधिकारी उसे डिपोर्ट करने के लिए एयरपोर्ट ले गए, तो दिमागी संतुलन खो चुके विशाल के हंगामे का एक वीडियो भी वायरल हुआ। आखिर में, उसे डिपोर्टेशन फ्लाइट से खाली हाथ भारत भेज दिया गया। 45 लाख रुपये गंवाने, पिता का घर खोने और शारीरिक चोटें और मानसिक टॉर्चर झेलने के बाद लौटे विशाल ने युवाओं को चेतावनी दी है, “मैं ज़िंदगी में फिर कभी कोई गैर-कानूनी रास्ता नहीं अपनाऊंगा। सपने देखने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन झूठे एजेंटों के जाल में फंसकर अपनी ज़िंदगी और परिवार बर्बाद मत करो।”

