Homeभारतगुजरातपिता की मौत का गम भी नहीं हुआ कम, 14 साल की...

पिता की मौत का गम भी नहीं हुआ कम, 14 साल की बेटी इंस्टाग्राम प्रेमी के साथ भागी! ‘181 अभयम’ टीम की काउंसलिंग से मामला सुलझा, सुरक्षित घर लौटी नाबालिग

पिता की कैंसर से मौत के बाद परिवार शोक में था, इसी बीच सोशल मीडिया पर बने कथित प्रेम संबंध के चलते घर से चली गई किशोरी; अभयम टीम ने समझाइश देकर मां को सौंपा

अहमदाबाद शहर से सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित करने वाला मामला सामने आया है। महज 14 साल की एक नाबालिग लड़की के पिता का हाल ही में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के चलते निधन हुआ था। परिवार अभी पिता को खोने के गम से उबर भी नहीं पाया था कि इसी बीच किशोरी अपने इंस्टाग्राम पर संपर्क में आए एक युवक के साथ घर से चली गई। बेटी के अचानक गायब होने से मां और परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।

इंस्टाग्राम पर पांच महीने पहले हुआ था संपर्क

मिली जानकारी के अनुसार, 14 वर्षीय किशोरी की करीब पांच महीने पहले इंस्टाग्राम पर एक अज्ञात युवक से बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत बढ़ती गई और कथित तौर पर दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गया।

इसी दौरान किशोरी के पिता का कैंसर के कारण निधन हो गया। पिता की मौत के बाद मां को बेटी के ऑनलाइन संबंध और युवक से लगातार बातचीत की जानकारी हुई। मां ने अभिभावक होने के नाते बेटी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे समझाया और ऐसे संबंधों से दूर रहने के लिए कहा।

मां की डांट से नाराज होकर घर से चली गई

मां की समझाइश को मानने के बजाय किशोरी कथित तौर पर नाराज हो गई। सोशल मीडिया पर बने रिश्ते के प्रभाव में आकर उसने घर छोड़ दिया और अपने इंस्टाग्राम संपर्क वाले युवक के साथ चली गई।

एक तरफ पति की मौत का दुख और दूसरी तरफ बेटी के अचानक घर से चले जाने से मां पूरी तरह टूट गई। परिवार ने किशोरी की तलाश शुरू की और मदद के लिए ‘181 अभयम’ महिला हेल्पलाइन की टीम से संपर्क किया।

181 अभयम’ टीम बनी मददगार, काउंसलिंग से लौटी किशोरी

सूचना मिलने के बाद 181 अभयम महिला हेल्पलाइन की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। टीम ने किशोरी से संपर्क स्थापित कर उसका पता लगाया और उसे सुरक्षित बरामद किया।

इसके बाद अभयम की अनुभवी काउंसलरों ने किशोरी की काउंसलिंग की। उसे सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में मौजूद जोखिमों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, कानूनी प्रावधानों और अपनी मां की भावनात्मक स्थिति के बारे में विस्तार से समझाया गया।

काउंसलिंग के बाद किशोरी को अपनी गलती का एहसास हुआ। इसके बाद अभयम टीम ने मामले को शांतिपूर्वक सुलझाते हुए किशोरी को सुरक्षित उसकी मां के सुपुर्द कर दिया।

सोशल मीडिया और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चेतावनी

यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी है। नाबालिग बच्चे सोशल मीडिया पर किन लोगों के संपर्क में हैं, वे किससे बातचीत कर रहे हैं और ऑनलाइन किस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं, इस पर माता-पिता को जागरूक रहना जरूरी है।

साथ ही बच्चों के साथ ऐसा दोस्ताना और भरोसेमंद माहौल बनाए रखना भी जरूरी है, जिसमें वे बिना डर के अपनी परेशानियां और ऑनलाइन संपर्कों के बारे में माता-पिता से बात कर सकें। समय रहते बातचीत और समझाइश से बच्चों को सोशल मीडिया पर होने वाले बहकावे और संभावित खतरों से बचाया जा सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments