रात करीब 12:30 बजे कच्चे मकान की छत का स्लैब भरभराकर गिरा, ऊपर सो रहे 4 लोग मलबे के साथ नीचे गिरे, नीचे सो रहे 3 लोग भी चपेट में आए
अरावली जिले के मोडासा स्थित सगरवाड़ा इलाके में रक्षाबंधन की रात एक बेहद दर्दनाक और भयावह हादसा हो गया। रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर अपने भाई को राखी बांधने और परिवार के साथ त्योहार मनाने आई बहन और उसके भांजियों समेत परिवार के सदस्य घर के ऊपरी हिस्से में आराम कर रहे थे। इसी दौरान देर रात करीब 12:30 बजे अचानक कच्चे मकान की छत का स्लैब तेज धमाके के साथ भरभराकर नीचे गिर गया।
धमाके के साथ स्लैब गिरा, मची चीख-पुकार
रात के शांत माहौल में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास रहने वाले लोग भी घबरा गए। मकान के ऊपरी कमरे में सो रहे बहन और भांजियों समेत 4 लोग स्लैब के मलबे के साथ सीधे नीचे जा गिरे। वहीं, अचानक गिरे स्लैब का मलबा नीचे के हिस्से में सो रहे 3 अन्य लोगों पर भी जा गिरा।
इस तरह कुल 7 लोग मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थानीय लोग तत्काल मदद के लिए दौड़े
हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के पड़ोसी और राहगीर बिना समय गंवाए मदद के लिए मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मलबा हटाने का काम शुरू किया और उसके नीचे दबे बहन, भांजियों तथा परिवार के अन्य सदस्यों को बाहर निकाला।
राहत की बात यह रही कि इतने भयावह हादसे के बावजूद किसी की जान नहीं गई। सभी 7 लोगों को सामान्य से लेकर मामूली चोटें आने की जानकारी है। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जर्जर कच्चे मकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रक्षाबंधन की खुशियों के बीच हुई इस घटना ने शहर में पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा:* बारिश के मौसम में नमी के कारण पुराने कच्चे मकानों और कमजोर छतों के स्लैब के गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
सुरक्षा जांच का अभाव:* आरोप लगाए जा रहे हैं कि शहर में मौजूद बेहद जर्जर और खतरनाक मकानों को लेकर प्रशासन की ओर से समय रहते सर्वे या आवश्यक नोटिस जारी नहीं किए जाते।
आधी रात को हुए इस बड़े हादसे में किसी की जान नहीं जाने से परिवार और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस घटना ने पुराने और जर्जर मकानों की समय पर जांच तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को फिर से सामने ला दिया है।

