गांधीधाम-आदिपुर। कच्छ के गांधीधाम-आदिपुर क्षेत्र में अवैध गतिविधियों और शराब के काले कारोबार के खिलाफ बॉर्डर रेंज आईजी चिराग कोरडिया की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने आदिपुर क्षेत्र में कथित तौर पर नकली शराब तैयार करने वाली फैक्ट्री पर अचानक छापा मारकर बड़े पैमाने पर नकली शराब बनाने की सामग्री बरामद की है।
पुलिस की इस कार्रवाई से शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। फैक्ट्री से बड़ी संख्या में खाली बोतलें, संदिग्ध केमिकल, नकली ब्रांड के लेबल और शराब तैयार करने व पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है।
600 लीटर संदिग्ध केमिकल और 10 हजार खाली बोतलें बरामद
गुप्त सूचना के आधार पर आईजी की टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा। अंदर का दृश्य देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। मौके से नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला करीब 600 लीटर संदिग्ध तरल पदार्थ/केमिकल बरामद हुआ।
इसके अलावा अलग-अलग ब्रांड के नाम से पैकिंग करने के लिए रखी गई करीब 10,000 खाली बोतलें भी जब्त की गई हैं।
पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस अड्डे पर संदिग्ध केमिकल और स्पिरिट को मिलाकर नकली शराब तैयार की जाती थी। इसके बाद उसे नामी ब्रांड की शराब के रूप में बाजार में बेचने की कथित योजना थी।
रॉयल चैलेंज के नाम पर 600 नकली बोतलें जब्त
जांच के दौरान पुलिस को बिक्री के लिए तैयार रखी गई ‘रॉयल चैलेंज’ ब्रांड के लेबल वाली करीब 600 पैक बोतलें भी मिलीं।
आरोप है कि इन बोतलों पर नकली स्टिकर और ब्रांडिंग लगाकर कथित तौर पर नकली शराब को असली ब्रांड की शराब के नाम पर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस ने फैक्ट्री से नकली शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, बॉटलिंग मशीनरी, पैकिंग सामग्री और अन्य मुद्दामाल को जब्त कर लिया है।
कच्छ से बाहर तक फैले नेटवर्क की जांच
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली शराब के इस कथित कारोबार के पीछे कच्छ और कच्छ के बाहर कौन-कौन से लोग या बूटलेगर सक्रिय थे।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि संदिग्ध केमिकल और अन्य सामग्री कहां से लाई जाती थी, नकली शराब तैयार होने के बाद इसे किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बॉर्डर रेंज आईजी चिराग कोरडिया के मार्गदर्शन में पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।* पुलिस द्वारा इस अवैध कारोबार से जुड़े सभी आरोपियों और कथित सूत्रधारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

