अहमदाबाद। नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और बिना लाइसेंस अवैध कारोबार चलाने वालों के खिलाफ गुजरात सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया के निर्देश के बाद खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र (FDCA) गुजरात ने पूरे राज्य में सघन जांच अभियान शुरू किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पॉश इलाके के फ्लैट में चल रहा था अवैध उत्पादन और रीपैकिंग
गुप्त सूचना के आधार पर FDCA की टीम ने अहमदाबाद के त्रागड़ क्षेत्र में ‘आनकी हर्बल’ नामक फर्म पर अचानक जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों को चौंकाने वाली जानकारी मिली।
त्रागड़ स्थित शिवांता रीगल के एक फ्लैट के अंदर बिना किसी लाइसेंस और गुणवत्ता परीक्षण के बल्क पैक से कॉस्मेटिक्स का उत्पादन और रीपैकिंग किया जा रहा था। यहां ग्लिसरीन साबुन का भी अनधिकृत उत्पादन किया जा रहा था।
जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि इस अवैध गतिविधि के लिए आवश्यक बल्क सामग्री अहमदाबाद के ओढ़व स्थित ‘रवि मार्केटिंग’ से खरीदी जाती थी। इसके बाद FDCA की टीम ने ओढ़व स्थित रवि मार्केटिंग पर भी कार्रवाई कर जांच का दायरा बढ़ाया।
₹2.68 लाख से अधिक का माल जब्त
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके से बड़ी मात्रा में कॉस्मेटिक सामग्री और कच्चा माल जब्त किया। इसमें शामिल हैं:
फेयरनेस क्रीम और डार्क सर्कल क्रीम
विभिन्न प्रकार के शैंपू, हेयर ऑयल और बॉडी वॉश
फेस वॉश और स्क्रब
सॉलिड परफ्यूम
ग्लिसरीन बेस साबुन
कच्चा माल और पैकिंग सामग्री
कथित तौर पर फर्जी तरीके से छपे लेबल
मौके से ₹2.68 लाख से अधिक कीमत का मुद्दामाल जब्त किया गया है। उत्पादों की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल किए गए रसायनों की जांच के लिए 10 अलग-अलग कॉस्मेटिक उत्पादों के नमूने लिए गए हैं और उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।
BP की नकली दवाओं के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भी पर्दाफाश
दूसरी ओर, अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच और FDCA की संयुक्त टीम ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई में उच्च रक्तचाप (BP) की कथित नकली दवाएं तैयार कर बाजार में सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
इस मामले में अहमदाबाद और उत्तर प्रदेश के लखनऊ से जुड़े कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क की जड़ें कितनी दूर तक फैली हैं और अब तक कितनी कथित नकली दवाएं बाजार में पहुंचाई जा चुकी हैं।
पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, दवाओं के निर्माण और आपूर्ति की प्रक्रिया तथा इसके पीछे सक्रिय लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती
कॉस्मेटिक्स की अवैध रीपैकिंग से लेकर नकली दवाओं की आपूर्ति तक सामने आए इन मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग और जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बिना लाइसेंस उत्पादन, नकली दवाओं की बिक्री और नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

