मंत्री विजय शाह पर सरकार ने केस चलाने की अनुमति नहीं दी है। अब पूर्व आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डब्बास ने राज्यपाल को पत्र लिखकर इन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने इन पर भ्रष्टाचार के कई संगीन आरोप लगाए हैं।
हाइलाइट्स
मंत्री विजय शाह पर सरकार ने केस चलाने की नहीं दी है अनुमति
पूर्व आईएफएस अधिकारी आजाद सिंह डब्बान ने राज्यपाल को लिखी चिट्ठी
उन्होंने राज्यपाल से मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की
पूर्व अधिकारी ने उन पर भ्रष्टाचार के लगाए हैं आरोप
भोपाल: कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी को लेकर सरकार मंत्री विजय शाह को बचाने में जुटी है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है लेकिन एमपी कैबिनेट ने केस चलाने की मंजूरी नहीं दी है। पूर्व आईएफएस अधिकारी और सिस्टम परिवर्तन अभियान के अध्यक्ष आजाद सिंह डबास ने राज्यपाल को पत्र लिखा है। साथ ही मंत्री विजयशाह को बर्खास्त करने की मांग की है। आजाद सिंह डबास ने उन पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए हैं। साथ ही उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
पुराने बयानों का जिक्र किया
आजाद सिंह डब्बास ने मंत्री विजय शाह के पुराने बयानों का जिक्र अपने पत्र में किया है। इसमें पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की पत्नी पर की गई, उनकी टिप्पणी भी शामिल है। साथ ही टीशर्ट वितरण कार्यक्रम में भी लड़कियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आरोप हैं। पूर्व आईएफएस अधिकारी ने मंत्री पर आरोप लगाया है कि इन्होंने वरिष्ठ आईएएस और आईएफएस अधिकारियों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की हैं।
भ्रष्टाचार के भी लगाए हैं आरोप
यही नहीं पूर्व आईएफएस अधिकारी ने मंत्री विजय शाह पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि मध्य प्रदेश शासन में दो बार वन मंत्री रहते हुए भारी भ्रष्टाचार किया गया है। आजाद सिंह डब्बास ने कहा कि इनके कार्यकाल के दौरान तबादलों में भी लूट मची थी।
आदिवासियों का ही करते हैं शोषण
उन्होंने कहा कि आदिवासियों के हितैषी बनने वाले ये नेता, आदिवासियों का ही शोषण करते हैं। मैं कई आदिवासी जिलों में पदस्थ रहा है। वहां करीब से देखा है। आजाद सिंह डब्बास ने यह भी आरोप लगाया है कि वन मंत्री रहने के दौरान इन्होंने विभाग के विश्रामगृहों पर कब्जा जमा रखा था। डब्बास ने इनके दो साल के कार्यकाल के बारे में सीएम मोहन यादव से जांच की मांग की है।
कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की थी टिप्पणी
दरअसल, सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहीं कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस पर हाईकोर्ट ने खुद ही संज्ञान लिया था। साथ ही इसे गटर छाप भाषा बताया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी बना दी थी। अभी मामले की जांच चल रही है। लेकिन सरकार ने केस चलाने की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

