झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों के लिए दिल्ली सरकार ने नई पुनर्वास नीति 2026 लागू की है. इसका लक्ष्य दिल्ली की करीब 675 झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 4 लाख परिवारों को पक्के मकान देना है. पात्र परिवारों को तकरीबन 25 वर्गमीटर का मकान मिलेगा. इसके लिए 1.50 लाख रुपये देने होंगे.
दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है. दिल्ली की 675 झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के पुनर्विकास के लिए नई नीति लागू की गई है. इसके तहत करीब 4 लाख परिवारों को पक्के मकान देने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना से झुग्गियों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवास मिल सकेगा.
नई नीति के तहत पात्र परिवारों को उनकी झुग्गी के बदले कम से कम 25 वर्गमीटर का पक्का मकान दिया जाएगा. इन मकानों में रहने के लिए जरूरी सुविधाएं होंगी. इनमें कमरा, किचन, बाथरूम, शौचालय और बालकनी शामिल हैं.
आसपास के इलाके में ही मकान देने की कोशिश
योजना में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि लोगों को उनके मौजूदा इलाके के आसपास ही नया मकान मिल सके. इसकी वजह यह है कि झुग्गियों में रहने वाले परिवारों की रोजी-रोटी और बच्चों की पढ़ाई उसी इलाके से जुड़ी होती है. अगर उन्हें बहुत दूर भेजा जाता है, तो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ सकता है. इसलिए पुनर्वास के दौरान आसपास ही घर देने को प्राथमिकता दी जाएगी.
नई नीति के तहत पात्र परिवारों के लिए मकान की कीमत 1.50 लाख रुपये तय की गई है. इसके अलावा 50 हजार रुपये मेंटेनेंस कॉर्पस के तौर पर अलग से देने होंगे. यानी मकान पाने वाले परिवारों को कुल 2 लाख रुपये का पेमेंट करना होगा. यह राशि उन परिवारों पर लागू होगी, जो योजना की तय शर्तों को पूरा करेंगे.
किन परिवारों को मिलेगा योजना का फायदा?
इस योजना का फायदा हर झुग्गी में रहने वाले परिवार को नहीं मिलेगा. इसके लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं. पहली शर्त यह है कि संबंधित झुग्गी 1 जनवरी 2025 से पहले बनी होनी चाहिए. दूसरी शर्त के मुताबिक परिवार के पास देश के किसी भी हिस्से में अपना पक्का मकान नहीं होना चाहिए. इसके अलावा परिवार को योजना की दूसरी पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी.
योजना के पहले चरण में सीलमपुर, सुल्तानपुरी और लाजपत नगर को शामिल किया गया है. इन तीन इलाकों की 17 झुग्गी बस्तियों में 4,870 झुग्गियों के पुनर्विकास की योजना है. इसके तहत तीन ऊंची आवासीय कॉलोनियां बनाने का प्रस्ताव है. आगे चलकर इस नीति के तहत दिल्ली की दूसरी झुग्गी बस्तियों को भी शामिल करने का लक्ष्य है.
इस योजना का असर सिर्फ झुग्गी बस्तियों तक सीमित नहीं रहेगा. बड़े स्तर पर मकान बनाने के लिए निर्माण से जुड़ी कई चीजों की जरूरत होगी. इससे रियल एस्टेट, सीमेंट, स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों को भी काम मिलने के अवसर बन सकते हैं. योजना का मुख्य लक्ष्य झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को पक्के मकान देना और उनके रहने की स्थिति में सुधार करना है.

