दिल्ली-NCR में प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचने के बाद GRAP-3 लागू होने की संभावना बढ़ गई है। दिल्ली का AQI 369 दर्ज किया गया। GRAP-3 लागू होने पर गैर-जरूरी निर्माण कार्य और कुछ डीजल गाड़ियों पर रोक लग सकती है।
नई दिल्ली: आज से प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली-NCR पर और अधिक सख्ती हो सकती है। पूर्वानुमान में शुक्रवार से रविवार तक प्रदूषण के गंभीर बने रहने की संभावना है। ऐसे में शुक्रवार को ही GRAP-3 लगाने की संभावना भी बढ़ गई है। GRAP-3 के तहत लगने वाली कुछ पाबंदियां सरकार पहले ही दिल्ली में लागू कर चुकी है। गाड़ियों पर लगी पाबंदियों और बढ़ाई जा सकती है।
सीपीसीबी के मुताबिक, दिल्ली में AQI 369 रहा। मुख्य प्रदूषक पीएम 2.5 और पीएम 10 रहा। फरीदाबाद का AQI 303, गाजियाबाद का AQI 263, ग्रेटर नोएडा का 238, गुरुग्राम का 331 और नोएडा का 283 रहा।
बढ़ने लगी ठंड
राजधानी में नवंबर का मौसम सुहावना बना हुआ है। दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम ठंडक महसूस होने लगी है। गुरुवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री कम, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी। 7 से 9 नवंबर तक भी अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री और न्यूनतम 14 से 17 डिग्री के आसपास रह सकता है। कुछ जगहों पर हल्का कोहरा छा सकती है।
SAFAR की सलाह, बाहर जाना जरूरी हो तो N-95 मास्क पहनें
प्रदूषण के बीच सिस्टम ऑफ एयर क्वॉलिटी एड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) ने अपनी एडवाइजरी में घर के अंदर और बाहर, दोनों जगह प्रदूषण से बचाव के उपाय सुझाए है। पर्यावरण विभाग के एक अधिकारी ने लोगों को नियमित रूप से अपने इलाके का AQI जांचने और उसके मुताबिक दिनचर्या में बदलाव करने की सलाह दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, किसी इलाके में एक्यूआई 350 से ऊपर होने पर खास सतर्कता बरतने की जरूरत है। ऐसे में सुबह और शाम बाहर टहलने या व्यायाम करने से बचें। धूप निकलने के बाद ही धीमी गति से चहलकदमी करें और खुले में व्यायाम न करें।
धूल रोकने के लिए DDA ने लगाई मशीनें
प्रदूषण कम करने के लिए डीडीए ने अपने अधिकार क्षेत्र में धूल नियंत्रण और हरियाली बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए है। इन उपायों की निगरानी एलजी टी एस संधू कर रहे है। डीडीए के अनुसार, नरेला मे दो मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें और सात वॉटर स्प्रिंकलर तैनात किए गए है। रोहिणी में करीब 166 किलोमीटर सड़कों की एक दिन छोड़कर मशीनों से सफाई की जा रही है। द्वारका में 11.8 किलोमीटर लंबा मिस्टिंग नेटवर्क बनाया गया है।
‘GRAP-3 में गैर-जरूरी निर्माण पर लग जाती है रोक’
हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद 2 नवंबर से पूरे दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू किया है। ऐसे में GRAP और प्रदूषण के विंटर एक्शन प्लान को लेकर कई सारे रीडर्स ने NBT को अपने सवाल भेजे है। इन सवालों के जवाब थिंक टैंक एनवायरोकेटालिस्ट के फाउंडर सुनील दहिया ने दिए…
दिल्ली और दूसरे राज्यों के बीच चलने वाली सरकारी और निजी बसों पर GRAP के तहत क्या प्रतिबंध है?
दिल्ली और अन्य राज्यों के बीच चलने वाली सरकारी और निजी (इंटरस्टेट) बसों पर BV, CNG या BS-VI डीजल होना अनिवार्य है। CAQM के नियमों के तहत. गैर-BS6 डीजल अंतरराज्यीय बसों के दिल्ली प्रवेश पर GRAP Stage-1 लागू होते ही रोक लग जाती है। यह नियम राज्य परिवहन की सरकारी बसों और ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली निजी बसों, दोनों पर समान रूप से लागू होता है, इसमें डीजल बसों को भी कोई अलग छूट प्राप्त नहीं है।
क्या GRAP के दौरान दिल्ली में निर्माण कार्य और डीजल गाड़ियां चलाने की अनुमति है?
GRAP-2 में धूल नियंत्रण के साथ निर्माण की अनुमति है, जबकि GRAP-3 में गैर-जरूरी निर्माण पर रोक लगती है। GRAP-3 में BS-IV और उससे नीचे की डीजल हल्की चार पहिया गाड़ियों पर भी प्रतिबंध है। इसके अलावा, दिल्ली में बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की एंट्री पर अलग रोक है।
क्या GRAP-2 में दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV वाहन नहीं चला सकते?
नहीं, ऐसा प्रतिबंध नहीं है। GRAP-2 में दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-IV वाहनों पर सामान्य रोक नहीं है। है। GRAP-3 में BS-IV डीजल और BS-III पेट्रोल की हल्की 4 वीलर्स गाड़ियों पर रोक लगती है। वैध पीयूसीसी जरूरी है।
क्या GRAP के दौरान 2017 मॉडल की पेट्रोल कार चला सकते है?
दिल्ली में रजिस्टर्ड कारः दिल्ली में रजिस्टर्ड 2017 मॉडल की BS-IV पेट्रोल कार पर GRAP Stage-1, Stage-2 या Stage-3 के तहत सामान्य रूप से चलाने पर कोई रोक नहीं है (जब तक कि कार के पास वैध PUCC हो और वह 15 साल की सीमा के भीतर हो)।

