अदाणी, जेके लक्ष्मी और अल्ट्राटेक जैसी कंपनियों के नाम पर बेचा जा रहा था मिलावटी सीमेंट, छापेमारी में नकली बोरियां और पैकिंग मशीनें जब्त
बनासकांठा। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र अमीरगढ़ में नामी कंपनियों के नाम पर नकली सीमेंट तैयार कर बाजार में बेचने के कथित कारोबार का खुलासा हुआ है। आरोप है कि बिना वैध लाइसेंस और अनुमति के एक गोदाम में नकली सीमेंट बनाने और उसकी पैकिंग करने का काम चल रहा था। इस कार्रवाई के सामने आने के बाद निर्माण क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अमीरगढ़ क्षेत्र में एक गोदाम या फैक्ट्री में घटिया गुणवत्ता वाले पाउडर, राख और पुराने सीमेंट को मिलाकर नकली सीमेंट तैयार किया जा रहा था। इसके बाद तैयार मिश्रण को अदाणी सीमेंट, जेके लक्ष्मी सीमेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम वाली बोरियों में भरकर पैक किया जाता था। आरोप है कि इन बोरियों की छपाई इस तरह की जाती थी कि वे देखने में असली उत्पाद जैसी लगें। इसके बाद इस नकली माल को बाजार में असली सीमेंट की कीमत पर बेचकर ग्राहकों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को ठगा जा रहा था।
सीमेंट किसी भी इमारत की मजबूती और सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार होता है। ऐसे में यदि घटिया गुणवत्ता वाले सीमेंट का इस्तेमाल मकानों, पुलों या अन्य निर्माण कार्यों में किया जाता है तो उनकी मजबूती प्रभावित हो सकती है और भविष्य में गंभीर हादसों का खतरा पैदा हो सकता है। इस तरह की मिलावट से आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस और संबंधित विभागों की टीम ने गोदाम पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वहां से नकली सीमेंट का बड़ा भंडार, नामी कंपनियों के नाम से छपी खाली बोरियां, सीमेंट मिश्रण करने के उपकरण और पैकिंग मशीनें जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस ने मामले में कथित रूप से शामिल मुख्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि नकली सीमेंट की आपूर्ति किन क्षेत्रों में की गई और इस कारोबार में स्थानीय कारोबारियों या अन्य एजेंटों की क्या भूमिका रही। जब्त सामग्री और दस्तावेजों की जांच के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।

