जनरल बोर्ड की बैठक से पहले कांग्रेस नेता हार्दिक भट्ट ने सत्तापक्ष को घेरा, पांच साल का विकास मास्टर प्लान सार्वजनिक करने की मांग
नडियाद। महानगरपालिका की आगामी सामान्य सभा से पहले शहर की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष के नेता हार्दिक भट्ट ने महानगरपालिका के कामकाज में पारदर्शिता और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्तापक्ष के सामने सात प्रमुख सवाल उठाए हैं। उन्होंने आगामी सामान्य सभा के एजेंडे में शामिल मुद्दों पर लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए संबंधित दस्तावेज और स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
हार्दिक भट्ट ने पिछले छह महीनों में कार्यकारी समिति की ओर से मंजूर किए गए सभी प्रस्तावों और जारी किए गए टेंडरों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके साथ ही महानगरपालिका में लागू किए गए नए नियमों और उनमें हुए बदलावों की प्रतियां भी मांगी हैं।
विपक्ष ने ठोस कचरा प्रबंधन के उपनियमों और नडियाद से जुड़े दस गांवों में सफाई व्यवस्था की योजना पर भी सवाल उठाए हैं। भट्ट ने स्थायी समिति सहित अन्य समितियों में सामाजिक न्याय और उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की है।
इसके अलावा नगर नियोजन योजना संख्या 5, 7, 8 और 11 में सड़कों तथा सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए की गई भूमि कटौती का वास्तविक विवरण सार्वजनिक करने को कहा है। विपक्ष ने भूखंड संख्या 197 के उपयोग में बदलाव का भी विरोध किया है। यह भूखंड स्कूल और खेल मैदान के लिए निर्धारित बताया गया है। विपक्ष ने सवाल उठाया है कि इसका उद्देश्य बदलने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
टेलीकॉम कंपनियों से वसूली जाने वाली फीस और केबल बिछाने के लिए सड़कें खोदने के बाद उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी तय करने वाली नीति स्पष्ट करने की मांग भी की गई है।
भट्ट ने महानगरपालिका बनने के बाद अगले पांच वर्षों के लिए विकास का मास्टर प्लान तैयार कर सार्वजनिक करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि शहर का विकास केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका लाभ नागरिकों को दिखाई देना चाहिए।
कांग्रेस नेता हार्दिक भट्ट ने कहा कि विपक्ष की ओर से उठाए गए सवाल नडियाद की जनता के हित से जुड़े हैं। यदि प्रशासन के पास छिपाने जैसा कुछ नहीं है तो दस्तावेज उपलब्ध कराने और चर्चा करने में आपत्ति क्यों होनी चाहिए? उन्होंने कहा कि महानगरपालिका का संचालन बहुमत के दम पर नहीं, बल्कि पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था के तहत होना चाहिए।
अब आगामी सामान्य सभा में इन मुद्दों पर सत्तापक्ष का क्या रुख रहता है, इस पर शहरवासियों की नजरें टिकी हैं।

