गैर कृषि भूमि की मंजूरी और वाटर ट्रीटमेंट केमिकल इकाई के निर्माण की अनुमति के बदले मांगी थी रिश्वत, सरपंच ने 80 हजार और तलाटी ने लिए 20 हजार रुपये
मेहसाणा। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ अहमदाबाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गमनपुरा गांव की महिला सरपंच और तलाटी को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों पर एक व्यापारी से जमीन को गैर कृषि घोषित कराने और वाटर ट्रीटमेंट केमिकल इकाई के निर्माण की अनुमति से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी की इस कार्रवाई से पंचायत व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता गमनपुरा गांव की सीमा में स्थित अपनी जमीन को गैर कृषि (एनए) करवाना चाहता था। इस जमीन पर उसे वाटर ट्रीटमेंट केमिकल इकाई का निर्माण करना था। इसके लिए पंचायत की मंजूरी और आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया चल रही थी। आरोप है कि गांव की महिला सरपंच मणिबेन ठाकोर और तलाटी सह मंत्री दीप्तिबेन पटेल ने इस काम के बदले शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
रिश्वत देने के बजाय व्यापारी ने अहमदाबाद एसीबी से संपर्क किया और दोनों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद एसीबी की टीम ने मेहसाणा में जाल बिछाकर दोनों को पकड़ने की योजना बनाई।
तय योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता जब रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा तो महिला सरपंच मणिबेन ठाकोर ने अपने हिस्से के 80 हजार रुपये और तलाटी दीप्तिबेन पटेल ने 20 हजार रुपये स्वीकार किए। इसी दौरान पहले से तैनात एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया।
टीम ने गवाहों की मौजूदगी में रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद जिले में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।

