Qures Science के नाम पर इंटरस्टेट साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश: सूरत साइबर क्राइम ब्रांच ने धोखेबाजों को पकड़ने के लिए बड़ा ऑपरेशन चलाया
डायमंड और टेक्सटाइल हब शहर सूरत से साइबर क्राइम से जुड़ा एक बहुत ही चौंकाने वाला और बड़ा मामला सामने आया है। पता चला है कि सूरत में चमत्कारी वज़न घटाने वाली दवाएँ और प्रोडक्ट बेचने के बहाने नागरिकों के साथ लगभग Rs. 1.75 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी की गई है। सूरत साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में गहरी जाँच करने के बाद इंटरस्टेट स्कैम में शामिल पाँच मुख्य आरोपियों को पकड़ने में बड़ी सफलता हासिल की है।
क्या है पूरा स्कैम और फ्रॉड का तरीका?
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने ‘Qures Science’ जैसी नकली कंपनियाँ या ऑर्गनाइज़ेशन बना रखे थे। वज़न घटाने वाली आयुर्वेदिक या हर्बल दवाओं को सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए लुभावने और गुमराह करने वाले विज्ञापनों के ज़रिए प्रमोट किया जा रहा था। जब देश भर और सूरत के लोग वज़न घटाने के लिए ये प्रोडक्ट ऑर्डर करते थे, तो ये जालसाज़ कस्टमर्स को नकली या खूनी असर वाली नकली दवाइयाँ भेजकर उनसे ऑनलाइन लाखों रुपये ठग लेते थे। धीरे-धीरे यह नेटवर्क इतना बड़ा हो गया कि कुल 1.75 करोड़ रुपये से ज़्यादा की ठगी करने की बात सामने आई है।
सूरत साइबर क्राइम की बड़ी कार्रवाई: 5 आरोपी सलाखों के पीछे
इतनी बड़ी रकम की ठगी की शिकायतें मिलने के बाद सूरत पुलिस कमिश्नर और साइबर क्राइम ब्रांच की टीम हरकत में आई। टेक्निकल सर्विलांस, बैंक अकाउंट डिटेल्स और कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। इस जांच के आखिर में सूरत साइबर क्राइम ने इस काले धंधे में शामिल पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि इन आरोपियों ने न सिर्फ सूरत बल्कि गुजरात और दूसरे राज्यों के भी कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर पैसे का नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक अकाउंट डिटेल्स और दूसरी चीज़ें ज़ब्त की हैं। नागरिकों के लिए रेड लाइट जैसा मामला
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ऑनलाइन सोशल मीडिया पर चमत्कारी वज़न घटाने या दूसरी सेहत से जुड़ी दवाओं के विज्ञापन देखकर अनजान लोगों को पैसे भेजना कितना खतरनाक हो सकता है। सूरत साइबर क्राइम अभी सभी पांचों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रहा है और यह पता लगाने के लिए भी जांच बढ़ा दी गई है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन से बड़े लोग शामिल हैं।

