रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स की बुधवार को धमाकेदार लिस्टिंग हुई। लिस्टिंग के एक दिन बाद शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर 5 फीसदी उछल गया। इसके साथ ही इसका मार्केट कैप 14 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया।
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज पिछले कई साल से देश की मोस्ट वैल्यूएबल कंपनी बनी हुई है। लेकिन अब उसकी बादशाहत को खतरा पैदा हो सकता है। उसे अपनी ही सहयोगी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स से खतरा है। बुधवार को लिस्ट हुई इस कंपनी का शेयर आज शुरुआती कारोबार में 5 फीसदी उछल गया। इसके साथ ही इसका मार्केट कैप 14 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। रिलायंस का मार्केट कैप करीब 16 लाख करोड़ रुपये है। इस तरह दोनों का बीच करीब दो लाख करोड़ रुपये का अंतर रह गया है।
जियो का शेयर 1,358 रुपये पर लिस्ट हुआ था और इसके साथ ही यह मार्केट कैप के लिहाज से भारत की दूसरी बड़ी लिस्टेड कंपनी बन गई था। कंपनी का शेयर बीएसई पर पिछले सत्र में 1,417.35 रुपये पर बंद हुआ था और आज 1,448.05 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह करीब 5 फीसदी तेजी के साथ 1,490 रुपये तक उछला। रिलायंस का शेयर भी करीब 1.5 फीसदी ऊपर 1,182 रुपये तक पहुंचा।
भारत की 10 बड़ी कंपनियां
कंपनी का नाम बाजार पूंजीकरण (₹ करोड़)
रिलायंस इंडस्ट्रीज 15,90,343.95
जियो प्लेटफॉर्म्स 13,19,654.12
भारती एयरटेल 11,99,395.41
एचडीएफसी बैंक 10,56,182.80
आईसीआईसीआई बैंक 9,88,820.86
टीसीएस 8,96,869.62
एसबीआई 8,87,016.20
बजाज फाइनेंस 5,77,675.17
एलएंडटी 5,35,876.75
एलआईसी 4,96,196.07
क्या करें निवेशक?
नोमुरा, मोतीलाल ओसवाल और एलारा कैपिटल ने जियो के इस स्टॉक पर अपनी कवरेज शुरू की है। नोमुरा ने बाय रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस 1,340 रुपये तय किया है। घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने भी जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर को बाय रेटिंग के साथ 1,350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। हालांकि कंपनी का शेयर पहले दिन ही इस टारगेट प्राइस को पार कर चुका था। लेकिन आगे इसमें काफी गुंजाइश है।
टॉप 5 में एंट्री
बाजार में लिस्ट होने के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स दुनिया की टॉप 5 टेलीकॉम कंपनियों में शामिल हो गई। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार जियो का मार्केट कैप 137.3 अरब डॉलर है। उससे आगे अमेरिका की AT&T (141.1 अरब डॉलर), T-Mobile US (157.5 अरब डॉलर), Verizon (182.1 अरब डॉलर) और चीन की चाइना मोबाइल (220.3 अरब डॉलर) है। दुनिया की टॉप 5 कंपनियों में अमेरिका की तीन, चीन और भारत की 1-1 कंपनी शामिल है।

