एशियन पैरा गेम्स 2026 में 5 भारतीय खिलाड़ियों ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए। मोना अग्रवाल भी इनमें शामिल थीं। वहीं, निशाद कुमार भी उनके साथ फ्लैग बियरर बने। भारत ने इस साल अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
नागोया: जापान के पलोमा मिजुहो स्टेडियम में शनिवार को 5वें एशियाई पैरा गेम्स की भव्य क्लोजिंग सेरेमनी हुई। क्लोजिंग सेरेमनी में डबल गोल्ड मेडलिस्ट निशाद कुमार और मोना अग्रवाल भारतीय ध्वजवाहक रहे। भारत ने खेलों के इस महाकुंभ में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 114 मेडल जीते। इनमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। पिछली बार हांगझोउ 2022 में भारत ने 108 मेडल जीते थे। इस बार छोटा दल होने के बावजूद कुल मेडल और गोल्ड मेडल दोनों की संख्या में सुधार दर्ज किया गया। पिछले एशियन पैरा गेम्स में भारत ने 300 से ज्यादा खिलाड़ियों का दल भेजा था। इस बार सिर्फ 168 खिलाड़ी शामिल हुए।
पैरा आर्चरी में भारत की मिश्रित टीम ने कम्पाउंड मिक्स्ड टीम ने 144 एरो राउंड में 1402 स्कोर के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया। शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन कर गोल्ड पर कब्जा किया। इस खेल में भारत को कुल 6 मेडल (3 गोल्ड सहित) मिले, जिसमें टीम इवेंट्स ने खास योगदान दिया।
शीतल देवी ने किया कमाल
शीतल देवी ने व्यक्तिगत कम्पाउंड महिलाओं की स्पर्धा में 149 स्कोर के साथ नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। आर्चरी में भारत की युवा प्रतिभाओं ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और कई इवेंट्स में पोडियम पर जगह बनाई।
संदीप ने जीती दुनिया
पैरा एथलेटिक्स के पुरुष 400 मीटर टी44 वर्ग में संदीप ने 52.28 सेकंड का समय निकालकर विश्व रिकॉर्ड रचा और गोल्ड जीता। एथलेटिक्स भारत का सबसे मजबूत खेल साबित हुआ, जहां टीम ने 65 मेडल (22 गोल्ड सहित) हासिल किए और कुल पदक तालिका में सबसे बड़ा योगदान दिया।
हनी बने विश्व विजेता
हनी ने पुरुष जेवलिन थ्रो एफ37 में 60.49 मीटर की थ्रो के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल हासिल किया। पैरा एथलेटिक्स में भारत के कई अन्य खिलाड़ियों ने भी गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतकर टीम को मजबूती प्रदान की।
मोना अग्रवाल ने भी बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
पैरा शूटिंग में मोना अग्रवाल ने महिला 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन एसएच1 में 357.5 स्कोर के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड पर कब्जा किया। यह उनके गेम्स का दूसरा गोल्ड था। शूटिंग में भारत को कुल 5 मेडल मिले, जिसमें मोना का डबल गोल्ड सबसे शानदार रहा।

