अंकलेश्वर। यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। गांधीनगर स्टेट मॉनिटरिंग सेल (एसएमसी) की टीम ने अंकलेश्वर शहर के मुख्य इलाके में छापा मारकर चल रहे वरली मटका के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है। स्थानीय पुलिस की नाक के नीचे चल रहे इस जुआघर पर एसएमसी ने अचानक दबिश देकर महिला संचालक सहित कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो राइटर पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गए।
सरगम कॉम्प्लेक्स के पास एसएमसी का पंचप्वाइंट पर छापा
मिली जानकारी के अनुसार, एसएमसी की टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि अंकलेश्वर के सर्कल तीन रास्ता से ओएनजीसी ऑफिस की तरफ जाने वाले मार्ग पर स्थित सरगम कॉम्प्लेक्स के पास खुले इलाके में वरली मटका का जुआ खिलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर एसएमसी के पुलिस इंस्पेक्टर जे.जे. चावड़ा और उनकी टीम ने औचक छापेमारी की योजना बनाई। पंचों की उपस्थिति में मारे गए इस छापे के दौरान जुआघर में अफरातफरी मच गई।
महिला संचालक सहित 8 गिरफ्तार, दो राइटर फरार
छापेमारी के दौरान एसएमसी की टीम ने मौके से मुख्य महिला संचालक भारतीबेन जयंतीभाई वसावा और अन्य 7 ग्राहकों तथा सहयोगियों को घेरकर पकड़ लिया। हालांकि, आंकड़े लिखने का काम करने वाले दो अज्ञात राइटर पुलिस के काफिले को देखकर अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
पकड़े गए अन्य आरोपियों में मुस्ताक महमद पटेल, अजयकुमार गोपालभाई सोनी, शौकतअली जाफरअली सैयद, नितेश चंदूभाई देवीपूजक, जय भवरसिंह राठौड़, मनसुखभाई नातिया परमार और रिक्शा चालक दिलावर अकबरशा दीवान शामिल हैं।
94,850 रुपये का माल और आंकड़ों की पर्चियां जब्त
पुलिस ने घटनास्थल (जुआ के अड्डे) से कुल 94,850 रुपये का माल जब्त किया है, जिसमें शामिल हैं: 26,850 रुपये नकद, 18,000 रुपये कीमत के 7 मोबाइल फोन, 50,000 रुपये कीमत की एक सीएनजी ऑटो रिक्शा, वरली मटका के आंकड़े लिखी 9 पर्चियां।
मुख्य महिला आरोपी के खिलाफ पहले भी 6 मामले दर्ज हैं
जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मुख्य महिला संचालक भारतीबेन वसावा कोई सामान्य आरोपी नहीं है, बल्कि जुए की दुनिया का पुराना नाम है। उसके खिलाफ पहले भी अंकलेश्वर शहर ‘ए’ डिवीजन पुलिस स्टेशन में जुआ अधिनियम के तहत 6 मामले दर्ज हो चुके हैं। बार-बार अपराध करने के बावजूद यह जुआघर फिर से शुरू हो जाने के कारण स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
ई-साक्ष्य एप्लीकेशन से रिकॉर्डिंग और आगे की कार्रवाई
एसएमसी की टीम ने अपनी कार्रवाई को पारदर्शी बनाए रखने के लिए ई-साक्ष्य एप्लीकेशन के माध्यम से पूरी छापेमारी की डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग की। पकड़े गए और भागने वाले दोनों राइटरों के खिलाफ जुआ निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है। इस मामले की आगे की गहन जांच अंकलेश्वर शहर ‘ए’ डिवीजन पुलिस को सौंप दी गई है।

