अहमदाबाद। पैक्ड फूड और जंक फूड का सेवन करने वाले करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। देश में बढ़ते मधुमेह, हृदय रोग और रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद पैक्ड फूड कंपनियों के लिए नए और कड़े नियमों का प्रस्ताव रखा है। FSSAI ने सुप्रीम कोर्ट में छह पन्नों का शपथपत्र दाखिल कर पैकेजिंग पर खाद्य पदार्थों की पोषण संबंधी चेतावनियों को अधिक स्पष्ट करने की जानकारी दी है।
पैकेट के सामने होगा ‘लाल चेतावनी चिन्ह’
नए नियमों के तहत यदि किसी खाद्य पदार्थ में निर्धारित मानकों से अधिक चीनी, वसा या नमक पाया जाता है, तो पैकेट के सामने वाले हिस्से पर इसकी स्पष्ट चेतावनी दिखाई देगी।
इसमें—
‘हाई शुगर’ यानी अधिक चीनी
‘हाई फैट’ यानी अधिक वसा
‘हाई साल्ट’ यानी अधिक नमक
जैसी चेतावनियां लाल रंग में प्रदर्शित करने का प्रावधान है।
यह चेतावनी षट्कोण (हेक्सागन) के आकार के चिन्ह में दिखाई जाएगी। साथ ही चेतावनी वाले शब्दों का फॉन्ट अन्य जानकारी की तुलना में एक पॉइंट बड़ा रखने का प्रावधान है, ताकि खरीदारी करते समय ग्राहक की नजर सबसे पहले इस महत्वपूर्ण जानकारी पर जाए।
दो चरणों में लागू होंगे नए नियम
खाद्य उद्योग को नई पैकेजिंग व्यवस्था अपनाने के लिए समय देने के उद्देश्य से इन नियमों को दो चरणों में लागू किए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य कंपनियों को अपनी पैकेजिंग में आवश्यक बदलाव करने का अवसर देना है।
घी, तेल, गुड़ और शहद को राहत
FSSAI के शपथपत्र में प्राकृतिक और पारंपरिक खाद्य पदार्थों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। प्रस्तावित लाल चेतावनी व्यवस्था से कुछ प्राकृतिक एवं अप्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को बाहर रखने का प्रावधान है।
इनमें शुद्ध घी, खाद्य तेल, गुड़ और शहद जैसे पदार्थ शामिल हैं।
अब ग्राहक एक नजर में पहचान सकेगा खतरनाक खाद्य पदार्थ
अब तक पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में पोषण संबंधी जानकारी लिखी होती थी, जिसे आम ग्राहक के लिए समझना अक्सर मुश्किल होता है। ऐसे में कई बार लोग अनजाने में अधिक चीनी, नमक या वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करते रहते हैं।
पैकेट के सामने स्पष्ट लाल चेतावनी होने से ग्राहक को खरीदारी के समय ही यह पता चल सकेगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ में चीनी, वसा या नमक की मात्रा अधिक है या नहीं।
असली चुनौती अब नियमों के पालन की
FSSAI की ओर से नियमों को लेकर कदम उठाए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल इनके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का है। खासतौर पर बड़े खाद्य ब्रांड और जंक फूड कंपनियां इन नियमों का कितनी सख्ती से पालन करती हैं, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग पर स्पष्ट चेतावनी व्यवस्था लागू होती है तो इससे लोगों को अधिक जागरूक होकर खाद्य पदार्थ चुनने में मदद मिल सकती है।

