रोजाना हजारों वाहन गुजरने वाले व्यस्त मार्ग पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल, कंक्रीट और निर्माण सामग्री की जांच की मांग
मेहसाणा जिले के महत्वपूर्ण माने जाने वाले गोजारिया-पाटन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-68) पर रेलवे फाटक के पास ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि, निर्माणाधीन ओवरब्रिज में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा तकनीकी मानकों को दरकिनार कर कथित तौर पर घटिया स्तर का काम किया जा रहा है।
मजबूती और तकनीकी मानकों पर सवाल
NH-68 एक व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों के साथ भारी वाहन भी गुजरते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग पर बनाए जा रहे ओवरब्रिज की मजबूती और निर्माण गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही भविष्य में गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में उचित निगरानी और तकनीकी निरीक्षण के अभाव में जल्दबाजी दिखाई जा रही है। लोगों का कहना है कि पुल जैसी महत्वपूर्ण संरचना में निर्माण सामग्री और तकनीकी मानकों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
जनता के पैसों के इस्तेमाल को लेकर नाराजगी
ओवरब्रिज का निर्माण सार्वजनिक धन से किया जा रहा है। ऐसे में निर्माण कार्य में कथित लापरवाही या गुणवत्ता से समझौते की खबरों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में नाराजगी पैदा कर दी है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं—
तत्काल स्थल निरीक्षण : मार्ग एवं भवन विभाग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जाए।
सैंपल लेकर गुणवत्ता जांच: ओवरब्रिज के निर्माण में इस्तेमाल हो रहे कंक्रीट और अन्य निर्माण सामग्री के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में उनकी मजबूती और गुणवत्ता की जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई: यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता सामने आता है तो जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुल का निर्माण शुरू होने के बाद से ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि प्रशासन किसी संभावित हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते निर्माण कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराए।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस गंभीर मामले पर तत्काल ध्यान नहीं दिया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ, तो मेहसाणा जिला पंचायत क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों की ओर से व्यापक विरोध प्रदर्शन और आंदोलन किया जा सकता है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और अधिकारी निर्माणाधीन ओवरब्रिज की गुणवत्ता को लेकर उठे इन सवालों पर कब तक जांच शुरू करते हैं और जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है

