सीहोर में कुबरेश्वर धाम के लिए निकली ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा और प्रशासन के भारी-भरकम ट्रैफिक डायवर्सन प्लान के चलते भोपाल-इंदौर मार्ग पर भीषण जाम लग गया है। वैकल्पिक रास्तों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ने से लोग घंटों फंसे रहे, जो 25 अगस्त रात 12 बजे तक लागू रहेगा।
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में कुबरेश्वर धाम के लिए सीवन नदी के तट से शुरू हुई ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा ने जहां एक तरफ धार्मिक माहौल को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता और यात्रियों के लिए यह यात्रा भारी ट्रैफिक संकट का सबब बन गई है। शहर और आसपास के तमाम मुख्य मार्गों पर वाहनों का पहिया थम गया है, जिससे हाइवे से लेकर वैकल्पिक रास्तों तक जाम के हालात पैदा हो गए हैं।
वैकल्पिक मार्गों पर भारी दबाव, घंटों फंसे रहे वाहन
कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ी भारी भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा और सुगम यातायात के पुख्ता दावे किए थे, लेकिन वाहनों के अचानक बेतहाशा दबाव के कारण वैकल्पिक मार्ग नाकाफी साबित हुए। भाऊखेड़ी जोड़ से इछावर क्रिसेंट मार्ग और वहां से बिलकिसगंज मार्ग तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। स्थिति यह थी कि कई वाहन चालक और यात्री करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक भीषण जाम में फंसे रहे, जिससे उन्हें भारी गर्मी और परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रशासन का डायवर्सन प्लान
स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने 23 अगस्त की सुबह 6 बजे से लेकर 25 अगस्त की रात 12 बजे तक एक व्यापक ट्रैफिक डायवर्सन प्लान लागू किया है।
छोटे एवं सवारी वाहनों के लिए: भोपाल से आष्टा, देवास, उज्जैन और इंदौर जाने वाले छोटे वाहनों को सीहोर न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ और अमलाहा होते हुए निकाला जा रहा है। इसी प्रकार विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों को भी इसी रूट का उपयोग करने के निर्देश हैं।
भारी वाहनों के लिए: भोपाल की ओर से आने वाले भारी ट्रकों और कमर्शियल वाहनों को मुबारकपुर जोड़ और तुमड़ा जोड़ से श्यामपुर, कुरावर, ब्यावरा, शाजापुर और मक्सी के रास्ते डायवर्ट किया गया है। इसके अलावा कन्नौद-खातेगांव और होशंगाबाद-रेहटी की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को भी वैकल्पिक स्टेट हाईवे से भेजा जा रहा है।
असर और यात्रियों के लिए सलाह
अचानक बदले गए इन लंबे और संकरे वैकल्पिक मार्गों पर यातायात का दबाव जरूरत से ज्यादा बढ़ जाने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से दोगुना समय लग रहा है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा भी सुरक्षित संपन्न हो और आम नागरिकों को भी कम से कम असुविधा हो। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले ताजा ट्रैफिक अपडेट जरूर जांच लें।

