मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में स्थित प्रसिद्ध जाम गेट के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। महाराष्ट्र के एक कॉलेज के बीटेक छात्रों को ले जा रही बस गूगल मैप के शॉर्टकट के चक्कर में खतरनाक घाट पर पहुंच गई और तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर रैलिंग से टकरा गई।
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में प्रसिद्ध जाम गेट के पास शुक्रवार शाम बड़ा हादसा होते-होते टल गया। महाराष्ट्र के कोपरगांव स्थित संजीवनी यूनिवर्सिटी के BTech छात्रों को लेकर जा रही बस घाट उतरते समय अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सुरक्षा रैलिंग से टकरा गई। टक्कर के बाद बस का एक हिस्सा करीब 1000 फीट गहरी खाई की ओर लटक गया। गनीमत रही कि लोहे की रैलिंग और किनारे मौजूद चट्टानों ने बस को खाई में गिरने से रोक लिया। यदि बस खाई में गिर जाती तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
मंडलेश्वर SDOP श्वेता शुक्ला ने बताया कि बस में कुल 53 लोग सवार थे। इनमें दूसरे वर्ष के BTech छात्र, दो ड्राइवर और चार शिक्षक/फैकल्टी सदस्य शामिल थे। सभी लोग इंदौर स्थित IIT का इंडस्ट्रियल विजिट करने के बाद महाराष्ट्र लौट रहे थे। छात्रों ने महेश्वर में नर्मदा दर्शन के लिए जाने का कार्यक्रम बनाया था। इसी दौरान ड्राइवर ने Google Maps पर दिख रहे शॉर्टकट रास्ते को अपनाया और बस जाम गेट की ओर आ गई।
SDOP श्वेता शुक्ला के मुताबिक, बस चालक ने पुलिस को बताया कि Google Maps पर यह रास्ता शॉर्टकट दिखाई दे रहा था, इसलिए वे इसी रास्ते से आ गए। उन्होंने बताया कि जाम गेट का यह रास्ता बड़े और भारी वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है। स्थानीय लोग इस रास्ते की स्थिति और इसकी सीमाओं से परिचित हैं, लेकिन दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोग कई बार रास्ते को लेकर भ्रमित हो जाते हैं और Google Maps के भरोसे इस मार्ग पर पहुंच जाते हैं।महेश्वर की ओर जाने वाली बड़ी बसों और भारी वाहनों के लिए सामान्य तौर पर धामनोद होकर जाने वाला मार्ग इस्तेमाल किया जाता है।
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तीखे मोड़ पर बस का संतुलन बिगड़ा
शुक्रवार शाम जाम गेट से घाट उतरते समय एक तीखे मोड़ पर बस का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान सामने से आ रहे एक पिकअप वाहन से बस की टक्कर हो गई। टक्कर के कारण बस की गति कम हुई। इसके बाद बस सड़क किनारे लगी लोहे की सुरक्षा रैलिंग और चट्टानों से जा टकराई। बस रैलिंग से टकराने के बाद वहीं अटक गई और उसका एक हिस्सा खाई की तरफ लटक गया। बस के नीचे करीब 1000 फीट गहरी खाई थी। हादसे के बाद बस में बैठे छात्रों और शिक्षकों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय संयम बनाए रखा। SDOP शुक्ला ने कहा कि सुरक्षा रैलिंग ने इस हादसे में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यदि रैलिंग नहीं होती तो बस सीधे गहरी खाई में गिर सकती थी और हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती थी।
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को निकाला
घटना की जानकारी आसपास मौजूद ग्रामीणों को हुई तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और छात्रों को बस से बाहर निकालने में मदद की। बस का इमरजेंसी पिछला दरवाजा खोला गया। करीब आधे छात्रों को पीछे के इमरजेंसी गेट से बाहर निकाला गया, जबकि बाकी छात्रों को बस के दूसरे दरवाजे से धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। छात्र साईराज निवारे ने बताया कि वे दूसरे वर्ष के BTech छात्र हैं और IIT इंदौर के इंडस्ट्रियल विजिट के बाद महेश्वर होते हुए महाराष्ट्र लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि मंदिर के पास मौजूद कुछ ग्रामीणों ने दूर से बस को खतरनाक स्थिति में देखा और तुरंत मदद के लिए पहुंचे। निवारे के मुताबिक, हादसे के समय छात्रों ने खुद को शांत रखने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि शांत रखते हुए पीछे का इमरजेंसी गेट खोला गया और आधे स्टूडेंट इमरजेंसी गेट से और आधे अन्य गेट से बाहर आए
छात्रों ने बताया, मोड़ पर सामने से आई पिकअप
छात्र अमय गुंजाल और आदेश संत ने बताया कि घाट उतरते समय बस अस्थिर हो गई थी। एक मोड़ पर सामने से आ रहे पिकअप वाहन से बस की टक्कर हुई। टक्कर के बाद बस की गति कम हुई और वह सड़क किनारे लगी रैलिंग तथा चट्टानों से टकराकर वहीं फंस गई। छात्रों के मुताबिक, अगर बस रैलिंग पार कर खाई में चली जाती तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। बस से बाहर निकलने के बाद स्थिति इतनी भयावह थी कि कई छात्र खाई की तरफ देखने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाए।
बस रैलिंग से टकराने के बाद वहीं अटक गई। यदि लोहे की रैलिंग और चट्टानें नहीं होतीं, तो बस सीधे एक हजार फीट गहरी खाई में गिर जाती और एक बड़ा हादसा हो सकता था। श्वेता शुक्ला, एसडीओपी, मंडलेश्वर
पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची
हादसे की सूचना मिलते ही मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छात्रों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उनके ठहरने की व्यवस्था की। हादसे के बाद सभी छात्र और शिक्षक काफी डरे हुए थे। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे स्थित एक गौशाला में ठहराया गया।
मंडलेश्वर व्यापारियों ने भेजे तीन वाहन
घटना की जानकारी मिलते ही मंडलेश्वर व्यापारी संघ ने भी तत्काल मदद के लिए हाथ बढ़ाया। व्यापारी संघ के अध्यक्ष भारत राठौर ने तीन वाहन मौके पर भेजे। इन वाहनों से सभी छात्रों और उनके साथ मौजूद शिक्षकों को सुरक्षित मंडलेश्वर पहुंचाया गया। स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों की इस त्वरित मदद से दुर्घटना के बाद खतरनाक स्थिति में फंसे छात्रों को बिना किसी चोट के सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सका।
बस में कुल 53 लोग सवार थे, जिनमें बीटेक छात्र और फैकल्टी शामिल थे।
हादसा गूगल मैप के शॉर्टकट रास्ते पर बने तीखे मोड़ पर हुआ।
बस का एक हिस्सा 1000 फीट गहरी खाई की तरफ लटक गया था।
स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
मंडलेश्वर व्यापारी संघ की मदद से सभी छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
53 लोग थे बस में, सभी सुरक्षित
पुलिस के अनुसार बस में कुल 53 लोग सवार थे। इनमें BTech के दूसरे वर्ष के छात्र, दो चालक और चार फैकल्टी सदस्य शामिल थे। हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। एक तरफ बस खाई के मुहाने पर लटकी थी और दूसरी तरफ नीचे करीब 1000 फीट गहरी खाई थी। ऐसे में सुरक्षा रैलिंग का मजबूत होना और बस का चट्टानों के पास अटक जाना छात्रों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ।

