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सीएम मोहन यादव का मास्टरस्ट्रोक, मुरैना की बंद कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने की तैयारी, जानें कब तक जमा होंगे टेंडर

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में लंबे समय से बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को फिर से चालू करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर एमएसएमई विभाग ने इस मिल को लीज पर देने के लिए रुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की है। इसके शुरू होने से क्षेत्र में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुरैना : मध्य प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और बंद पड़ी इकाइयों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार कड़े फैसले ले रहे हैं। इसी कड़ी में मुरैना जिले की वर्षों से बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने की बड़ी कवायद शुरू कर दी गई है। राज्य शासन के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) विभाग ने इस मिल के पुनरुद्धार के लिए रुचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की है, जिससे इस पूरे इलाके की आर्थिक तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

कैबिनेट के फैसले से मिली रफ्तार

गत 19 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस मिल को लेकर अहम निर्णय लिया गया था। इस निर्णय के तहत कैलारस चीनी मिल की जमीन और संपत्तियों को एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस मिल को फिर से चालू करके स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना और औद्योगिक गतिविधियों को गति देना है।

टेंडर प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तारीखें

एमएसएमई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कैलारस शुगर मिल को ‘जैसी है, जहां है’ के आधार पर लीज पर दिया जाएगा। जो निवेशक या कंपनियां इस प्रक्रिया में रुचि रखते हैं, वे निर्धारित तिथियों पर साइट का निरीक्षण कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और निवेशक आधिकारिक पोर्टल के जरिए अपने प्रस्ताव भेज सकते हैं।

कैलारस शुगर मिल मुरैना जिले में एनएच-552 पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित है।
मिल के पुनरुद्धार के लिए 15 सितंबर तक ऑनलाइन प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
इस मिल की लीज अवधि 30 वर्ष होगी, जिसे कार्य के आधार पर बढ़ाया जा सकेगा।
मिल की संपत्तियों में फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट-मशीनरी और 12.86 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
प्रस्तावों की समीक्षा और आगे की प्रक्रिया के लिए शासन स्तर पर बैठकें तय की गई हैं।
मिल की क्षमता और लीज से जुड़ी खास बातें

यह शुगर मिल गन्ने की पेराई और संबंधित उप-उत्पादों के निर्माण के लिए पूरी तरह सक्षम है। नीचे दी गई टेबल में इस परियोजना से जुड़ी मुख्य बातें समझी जा सकती हैं

विवरण मुख्य बिंदु
मिल का स्थान एनएच-552, कैलारस रेलवे स्टेशन के पास (मुरैना)
दैनिक क्षमता 1,250 मीट्रिक टन गन्ना पेराई प्रतिदिन
कुल भूमि 12.86 हेक्टेयर (फैक्ट्री और गोदाम सहित)
लीज अवधि 30 वर्ष (काम संतोषजनक होने पर विस्तार योग्य)
आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर (शाम 5 बजे तक)

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