अहमदाबाद. दशमी के दस दिन के पवित्र व्रत और भक्ति-भाव से पूजा-अर्चना के बाद, विसर्जन के दिन प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जिन मूर्तियों की भक्तों ने दिन-रात पूजा की, व्रत पूरा होने के बाद उन्हीं देवी की मूर्तियों की बहुत बुरी हालत सड़कों पर देखी जा रही है.
अहमदाबाद में साबरमती नदी पर इंदिरा ब्रिज के पास छठ पूजा घाट के पास विसर्जन के लिए सही इंतज़ाम या आर्टिफिशियल टैंक न होने के कारण हज़ारों मूर्तियाँ सड़क के किनारे पड़ी रह गई हैं. हर साल की तरह इस साल भी इस इलाके में विसर्जन टैंक की सही संख्या न होने के कारण मूर्तियों के ढेर ज़मीन पर पड़े रह गए हैं, जिससे धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं. सिस्टम का खराब मैनेजमेंट और भक्तों की मजबूरी
विसर्जन के लिए काफी टैंक की कमी: AMC ने नदी में गंदगी रोकने के लिए मूर्तियों के विसर्जन पर रोक लगा दी थी, लेकिन काफी संख्या में आर्टिफिशियल टैंक न होने की वजह से भक्तों को मजबूरन सड़क किनारे मूर्तियां रखनी पड़ीं।
JCB और बुलडोजर से हटाना: छठ पूजा घाट और इंदिरा ब्रिज के पास चट्टानों पर लगे मूर्तियों के ढेर को हटाने के लिए AMC को आखिरकार JCB और बुलडोजर की मदद लेनी पड़ी, जिससे देवी के भक्तों में काफी नाराजगी है।
सिस्टम की परफॉर्मेंस पर सवाल: त्योहार से पहले बड़े-बड़े दावे करने वाली नगर निगम की टीम आखिरकार विसर्जन के लिए सही जगह या टैंक का इंतज़ाम क्यों नहीं कर पाई?
स्थानीय निवासियों और देवी के भक्तों की ज़ोरदार मांग है कि AMC हर साल आने वाले इस धार्मिक त्योहार के लिए मूर्तियों के विसर्जन के लिए पहले से ही अच्छी तरह से व्यवस्थित और सम्मानजनक इंतज़ाम करे, ताकि आस्था की निशानी मूर्तियों को इस तरह से नुकसान न हो।

