राजकोट का सरकारी सिविल हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर विवाद में फंस गया है। हॉस्पिटल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अश्विन रमानी पर एक महिला डॉक्टर के साथ बहुत बुरा बर्ताव करने और उसे सरेआम थप्पड़ मारने का आरोप लगा है, जिससे पूरे मेडिकल जगत में हड़कंप मच गया है। इस शर्मनाक घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की बेरहमी की पोल खुल गई।
सिविल में वायरल वीडियो से हंगामा: रेजिडेंट डॉक्टरों का हंगामा
महिला डॉक्टर पर हमले और बदनामी का वीडियो सामने आने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों में भारी गुस्सा है। डॉक्टरों की सुविधाओं और सुरक्षा पर उठे बड़े सवालों से गुस्साए रेजिडेंट डॉक्टर तुरंत प्रभाव से हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक दोषी ऑफिसर को तुरंत सस्पेंड नहीं किया जाता और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक विरोध जारी रहेगा। हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए हॉस्पिटल मैनेजमेंट और अधिकारियों ने तुरंत एक इंटरनल जांच कमेटी बनाई है। वायरल वीडियो की सच्चाई वेरिफाई करने और पीड़ित महिला डॉक्टर और चश्मदीदों के बयान रिकॉर्ड करने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, ऐसी खबरें मिल रही हैं कि हड़ताल की वजह से हॉस्पिटल आने वाले मरीजों के इलाज पर भी थोड़ा असर पड़ रहा है।
महानगर मेट्रो न्यूज़ का सवाल: महिला डॉक्टरों की सिक्योरिटी कहां है?
अगर सीनियर अधिकारी ही सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सेवा करने वाले डॉक्टरों, खासकर महिला डॉक्टरों के साथ इतना बुरा बर्ताव कर रहे हैं, तो सिक्योरिटी के बड़े-बड़े दावों का क्या? क्या एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले में सख्त एक्शन लेगा और महिला डॉक्टर को इंसाफ दिलाएगा या जांच के नाम पर मामले को निपटाने की कोशिश होगी? महानगर मेट्रो न्यूज़ इस चौंकाने वाले मामले की लेटेस्ट डिटेल्स आप तक पहुंचाता रहेगा।

