पुलिस और एक्टिविस्ट के बीच झड़प, एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के साथ पिटीशन भेजी गई
वडोदरा की मशहूर पारुल यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों के भंवर में घिर गई है। NSUI ने आज यूनिवर्सिटी कैंपस में चल रहे कथित करप्शन, एडमिनिस्ट्रेटिव गलतियों और स्टूडेंट्स की आवाज़ दबाने की अथॉरिटी की पॉलिसी के खिलाफ जोरदार प्रोटेस्ट किया। स्टूडेंट्स के फायदे के लिए सड़क पर उतरे एक्टिविस्ट ने कलेक्टर ऑफिस पर जमकर हंगामा किया, जिससे कैंपस से लेकर गवर्नमेंट एडमिनिस्ट्रेशन तक भारी भीड़ लग गई।
स्टूडेंट्स की आवाज़ दबाने की कोशिश और करप्शन के गंभीर आरोप
NSUI नेताओं का सीधा आरोप है कि पारुल यूनिवर्सिटी के अथॉरिटी एजुकेशन के नाम पर सिर्फ बिजनेस चला रहे हैं। यूनिवर्सिटी में बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल गड़बड़ियां और एडमिनिस्ट्रेटिव करप्शन चल रहा है। जब भी कोई स्टूडेंट या ऑर्गनाइजेशन अपने हक या सुविधाओं के लिए आवाज़ उठाने की कोशिश करता है, तो यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन दबाने वाली पॉलिसी अपनाकर उनकी आवाज़ दबा देता है। स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ हो रहे इस खुलेआम खिलवाड़ के खिलाफ अब स्टूडेंट कम्युनिटी में काफी गुस्सा है।
पुलिस के साथ तीखी बहस और झड़प के सीन
आज कलेक्टर ऑफिस में प्रोटेस्ट करने पहुंचे NSUI वर्कर्स को रोकने के लिए पुलिस ने भारी इंतज़ाम किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और NSUI वर्कर्स के बीच तीखी बहस और बहस के सीन बन गए। यूनिवर्सिटी अथॉरिटीज़ और एक्सटॉर्शन के खिलाफ नारे लगा रहे वर्कर्स ने ज़ोरदार नारे लगाए, जिससे पूरा कलेक्टर ऑफिस परिसर गूंज उठा।
एडमिनिस्ट्रेशन को आखिरी धमकी: कलेक्टर को पिटीशन
भारी पुलिस मौजूदगी और झड़प के बीच NSUI डेलीगेशन ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को एक पिटीशन दी। पिटीशन में पारुल यूनिवर्सिटी में चल रही सभी फाइनेंशियल गड़बड़ियों और एडमिनिस्ट्रेटिव फ्रॉड की निष्पक्ष और हाई-लेवल जांच की ज़ोरदार मांग की गई है। प्रोटेस्ट करने वाले नेताओं ने साफ तौर पर धमकी दी है कि अगर पारुल यूनिवर्सिटी के मनमाने एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ सही एक्शन नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और भी खतरनाक और आक्रामक होगा।

