काम की लाइनें और दायरा साफ: प्राकृतिक आपदाओं के दौरान दोनों कैडर के बीच तालमेल रहेगा, VCE भी रेवेन्यू तलाटी की मदद कर सकेगा
गांधीनगर: ग्रामीण प्रशासन को और बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए गुजरात सरकार ने एक बहुत ही अहम और ऐतिहासिक फैसला लिया है। लंबी मांगों और लगातार कोशिशों के बाद, दोनों कैडर के लिए एक साफ ‘जॉब चार्ट’ घोषित किया गया है, जिससे पंचायत तलाटी-कम-मिनिस्टर और रेवेन्यू तलाटी के बीच काम का तनाव खत्म हो गया है। इस फैसले से दोनों कैडर के अधिकारियों की बुनियादी भूमिका, जिम्मेदारियां और काम का दायरा एकदम साफ हो जाएगा, जिससे ग्रामीण इलाकों के लोगों के रुके हुए काम जल्दी निपटेंगे।
- पंचायत तलाटी-कम-मिनिस्टर (विलेज डेवलपमेंट एंड पंचायत) का काम का दायरा
पंचायत, रूरल हाउसिंग एंड रूरल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के नए तय जॉब चार्ट के मुताबिक, पंचायत तलाटी ग्राम पंचायत सेक्रेटरी के तौर पर सारा काम संभालेंगे। डेवलपमेंट और सरकारी स्कीम: गांव लेवल पर केंद्र और राज्य सरकार की वेलफेयर और पर्सनल स्कीम को लागू करना।
ज़रूरी स्कीम: PM-KISAN, PM-VISHWAKARMA, ई-ग्राम और ई-निर्माण कार्ड से जुड़े सभी प्रोसेस।
सिविल सर्विस: अलग-अलग सरकारी सर्टिफिकेट जारी करना, आंगनवाड़ी, प्राइमरी एजुकेशन, लोकल हेल्थ और सैनिटेशन मॉनिटरिंग।
गांव की बेसिक सुविधाएं: गांव में पीने के पानी की सप्लाई, पेड़ लगाना, गांव के प्लॉट, पंचायत की ज़मीन और पब्लिक प्रॉपर्टी का मेंटेनेंस।
एडमिनिस्ट्रेटिव काम: ग्राम सभा ऑर्गनाइज़ करना, पंचायत की अलग-अलग कमेटियों की मीटिंग और काम को डी-स्ट्रेस करना।
- रेवेन्यू तलाटी के काम का स्कोप (रेवेन्यू और ज़मीन से जुड़ा)
रेवेन्यू डिपार्टमेंट के तय किए गए जॉब चार्ट के मुताबिक, रेवेन्यू तलाटी सिर्फ़ ज़मीन और रेवेन्यू मामलों पर फोकस करेगा।
लैंड रिकॉर्ड और कलेक्शन: लैंड रेवेन्यू का कलेक्शन, बकाया का कलेक्शन, ज़मीन का एक्विजिशन, वेरिफिकेशन और अधिकारों में सुधार। स्पेशल एक्ट: डिस्टर्ब्ड एक्ट, माइग्रेंट प्रॉपर्टी, सरकारी ज़मीनों का सर्वे और PM-स्वामित्व योजना के तहत काम।
एग्रीकल्चर और फसल से जुड़े: क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट, किसान रजिस्ट्रेशन और क्रॉप इंश्योरेंस प्रोसेस।
लैंड प्रेशर: सरकारी ज़मीनों पर प्रेशर की जांच और रेवेन्यू ऑफिसर्स को दिए गए खास काम।
भारी बारिश और आपदाओं के दौरान आपसी तालमेल बनाए रखा जाएगा।
इस जॉब चार्ट में सबसे ज़रूरी प्रोविज़न आपसी सहयोग है। पंचायत तलाटी और रेवेन्यू तलाटी को नेचुरल आपदाओं (जैसे बाढ़, साइक्लोन या सूखा) के दौरान किसानों के लिए घोषित एग्रीकल्चरल रिलीफ पैकेज को लागू करने में मिलकर तालमेल से काम करना होगा।
इसके अलावा, खास मामलों में, अगर ज़रूरी हुआ तो डेवलपमेंट कमिश्नर के स्पेशल ऑर्डर से ई-ग्राम का VCE भी रेवेन्यू तलाटी को एडमिनिस्ट्रेटिव कामों में मदद कर सकेगा।
गांव के एडमिनिस्ट्रेशन में ट्रांसपेरेंसी आएगी।
राज्य सरकार के इस सराहनीय फैसले से काम को लेकर दोनों कैडर के बीच कन्फ्यूजन खत्म हो जाएगा। गांव वालों को साफ पता चल जाएगा कि किस काम के लिए किस तलाटी से कॉन्टैक्ट करना है, जिससे सरकारी सिस्टम की एफिशिएंसी बढ़ेगी और गांव का एडमिनिस्ट्रेशन ज़्यादा ऑर्गनाइज्ड और तेज होगा।

