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गांधीनगर में युवराजसिंह जडेजा का धमाका: ST रिज़र्वेशन में फर्जी सर्टिफिकेट के करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश!

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के जाली साइन और सिक्के, बिना सरकारी रिकॉर्ड के हाथ से लिखे सैंपल और NES के फर्जी सबूत आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए खतरा: सरकारी अधिकारियों द्वारा हाई कोर्ट के फैसलों और नियमों का उल्लंघन करने के RTI सबूत मीडिया को जारी किए गए

गांधीनगर: राज्य में फर्जी घोटालों की बाढ़ के बीच, आज राजधानी गांधीनगर के अखबार भवन में एक बड़ा धमाका हुआ। स्टूडेंट लीडर और सोशल एक्टिविस्ट युवराजसिंह जडेजा ने एक सनसनीखेज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक भयानक और सोची-समझी साजिश के तहत फर्जी सर्टिफिकेट घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें रिज़र्वेशन में अनुसूचित जनजातियों (ST) के अधिकारों पर हमला किया गया है। उन्होंने सरकारी कागज़ात और RTI से मिले पक्के फैक्ट्स पेश करके सरकारी दफ्तरों में चल रही बड़ी मिलीभगत का पर्दाफाश किया है।

करोड़ों का घोटाला कैसे किया गया?

युवराजसिंह जडेजा ने मीडिया के सामने सबूत पेश करते हुए कहा कि बिना किसी रजिस्ट्रेशन या सरकारी रिकॉर्ड में एंट्री के हाथ से लिखे फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर गैर-कानूनी तरीके से ST कैटेगरी के फायदे लिए गए हैं। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के ऐसे (नकली) साइन का इस्तेमाल करके जाली कागज़ बनाए गए हैं जो हैं ही नहीं। इतना ही नहीं, असली रेवेन्यू गांव के मूल निवासी होने के बावजूद जंगल में रहने के पूरी तरह से फर्जी उदाहरण बनाकर आदिवासी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों को खुलेआम लूटा गया है।

हाई कोर्ट के आदेशों की बेइज्जती और एनालिसिस कमेटी की मिलीभगत!

इस स्कैम की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गुजरात हाई कोर्ट के साफ फैसलों और आदेशों के बावजूद इसे दरकिनार कर दिया गया है। जांच के लिए जिम्मेदार एनालिसिस कमेटी ने ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्री सबूत पेश किए हैं कि नियमों के खिलाफ जाकर गलत काम करने वालों को बचाया गया।
आदिवासी समुदाय के अधिकारों को कुचलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

युवराजसिंह जडेजा ने आगे कहा कि यह स्कैम सिर्फ सरकारी नौकरियों या स्कॉलरशिप तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समुदाय के अस्तित्व और संवैधानिक सुरक्षा के खिलाफ एक बहुत बड़ी साजिश है। उन्होंने मांग की है कि इन फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर सरकारी फायदे पाने वाले सभी असामाजिक तत्वों और उनकी मदद करने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त क्रिमिनल एक्शन लिया जाए। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासन में भारी हंगामा मच गया है।

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