मध्य प्रदेश सरकार ने करीब 45 किलोमीटर लंबे भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 1758 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मार्ग अब 30 मीटर चौड़ा होगा, जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर महज 45 से 60 मिनट में पूरा हो सकेगा।
भोपाल: मध्य प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी भोपाल को ऐतिहासिक शहर विदिशा से जोड़ने वाली करीब 45 किलोमीटर लंबी सड़क अब फोरलेन बनने जा रही है। राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस आधुनिक मार्ग के बनने से भोपाल, रायसेन और विदिशा के बीच का सफर न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी।
क्या होंगी इस फोरलेन परियोजना की मुख्य विशेषताएं?
वर्तमान में साढ़े सात मीटर चौड़ा यह मार्ग फोरलेन बनने के बाद लगभग 30 मीटर (करीब 98.4 फीट) चौड़ा हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर कुल 1758 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यातायात को सुगम और जाममुक्त बनाने के लिए इस मार्ग पर सूखी सेवनिया, बेरखेड़ी और सलामतपुर में 3 नए बायपास भी बनाए जाएंगे। इन बायपास के बनने से भारी वाहन शहरी और आवासीय क्षेत्रों से बाहर निकल जाएंगे, जिससे हादसों की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
भोपाल से विदिशा के बीच की दूरी अब महज 45 से 60 मिनट में तय होगी।
मार्ग की चौड़ाई बढ़ाकर 30 मीटर (98.4 फीट) की जाएगी।
ट्रैफिक जाम से राहत के लिए तीन नए बायपास का निर्माण किया जाएगा।
प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 1758 करोड़ रुपये तय की गई है।
जल्द ही इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।
किसानों, कारोबारियों और पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त फायदा
विदिशा को प्रदेश का एक बड़ा कृषि और प्रसिद्ध ‘शरबती गेहूं’ का मंडी हब माना जाता है। इस फोरलेन के बनने से रायसेन और विदिशा के किसानों को अपनी उपज भोपाल की बड़ी मंडियों और लॉजिस्टिक्स हब्स तक पहुंचाने में काफी आसानी और कम लागत आएगी। हाईवे के किनारे जमीनों के दाम बढ़ने के साथ-साथ कोल्ड स्टोरेज और नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स का रास्ता भी साफ होगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके अलावा, पर्यटन के लिहाज से भी यह मार्ग बेहद अहम साबित होगा। भोपाल आने वाले देश-विदेश के सैलानी अब आसानी से यूनेस्को विश्व धरोहर सांची स्तूप, प्रसिद्ध उदयगिरी गुफाएं, बीजामंडल और हेलियोडोरस पिलर तक कम समय में पहुंच सकेंगे।

