खाचरौद (ब्रजेश बोहरा) स्वर्गीय श्री मुकेश देवड़ा का शुक्रवार दोपहर लगभग 4 बजे हृदय गति रुक जाने से दुःखद निधन हो गया। परिवार में शोक की इस विषम घड़ी के बीच उनके परिजनों एवं सुपुत्री ने मानवता और सेवा की अनूठी मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान का पुनीत निर्णय लिया।
परिवारजनों की सहमति से नेत्रदान की प्रक्रिया गीता भवन न्यास समिति, डॉ. ददरवाल एवं उनकी टीम तथा जैन सोशल ग्रुप मैत्री, खाचरौद के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न कराई गई। इस पुनीत कार्य के माध्यम से दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आने की संभावना है।
जैन सोशल ग्रुप मैत्री, खाचरौद के अध्यक्ष राजेंद्र नान्देचा ने बताया कि यह बड़नगर संस्था द्वारा संपन्न 988वां नेत्रदान है, जबकि जैन सोशल ग्रुप मैत्री, खाचरौद के माध्यम से यह 21वां नेत्रदान सम्पन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान महादान है और इस तरह के पुनीत कार्य समाज में सेवा, संवेदना एवं मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
देवड़ा परिवार लंबे समय से लायंस क्लब के माध्यम से नेत्र शिविर, रक्तदान शिविर सहित विभिन्न सामाजिक एवं सेवा कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़ा रहा है। इन्हीं सेवा संस्कारों से प्रेरित होकर परिवार ने अपने प्रियजन के निधन के बाद नेत्रदान का यह अनुकरणीय निर्णय लिया।
नेत्रदान की प्रक्रिया सम्पन्न कराने में जैन सोशल ग्रुप मैत्री, खाचरौद के अध्यक्ष राजेंद्र नान्देचा सहित स्वप्निल सुराणा, विनय जैन, पुनीत पी. मेहता एवं प्रफुल दलाल उपस्थित रहे तथा आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
देवड़ा परिवार के इस मानवीय निर्णय की सामाजिक एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सराहना की। उन्होंने कहा कि नेत्रदान वास्तव में महादान है। किसी दिवंगत व्यक्ति की आंखों से किसी अन्य के जीवन में उजाला आना समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें तथा शोकाकुल देवड़ा परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें। नागदा से संवाददाता जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।

